फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalu Yadav: राजद अध्यक्ष लालू यादव का देश के नाम पहला संदेश, जानें क्या चिंता जताई और किसे जगाने की कोशिश की

Thu, 16 May 2024 11:14 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Lalu Yadav: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने लोकसभा चुनाव के बीच देश के नाम पहला संदेश दिया है। उन्होंने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा आपका आरक्षण, देश का लोकतंत्र और संविधान खत्म करने पर तुल गया है। उन्होंने आगे कहा कि संविधान है तो आरक्षण है और आरक्षण है तो गैर बराबरी, उत्पीड़न एवं अत्याचार से सुरक्षा है।
विज्ञापन
लालू यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लालू प्रसाद यादव ने देशवासियों के नाम एक संदेश दिया है। जिसमें उन्होंने कहा कि सतर्क और सावधान हो जाइए! भाजपा आपका आरक्षण, देश का लोकतंत्र और संविधान खत्म करने पर तुल गया है। देश का संविधान नहीं रहेगा तो देश में लोकतंत्र भी नहीं रहेगा। आप देश के समान रूप से नागरिक भी नहीं रहेंगे। आप ऐसे नागरिक नहीं रहेंगे, जिनके पास अधिकार होंगे, संवैधानिक सुरक्षा और उपचार के उपाय हों। आप चंद लोगों के गुलाम मात्र रह जाएंगे।

संविधान है तो आरक्षण है और आरक्षण है तो गैर बराबरी, उत्पीड़न एवं अत्याचार से सुरक्षा है। समानता का भाव है, उपचार है। भाजपाई चाल चरित्र से समता विरोधी हैं। ये लोग संविधान व आरक्षण खत्म कर समाज में गैर बराबरी बढ़ा लोगों को पुनः मानसिक गुलाम बनाना चाहते हैं।

बार-बार भाजपा के नेता स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि वे लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं, नया संविधान बनाना चाहते हैं, आरक्षण को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन आरक्षण और संविधान विरोधी बयानबाजी पर प्रधानमंत्री मोदी और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसी भी नेता और प्रत्याशी पर कभी भी कोई भी कार्रवाई नहीं की है। स्पष्ट दिखता है उन्हें जानबूझकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से हरी झंडी मिली हुई है। अपने ऐसे बयानों से भाजपाई लोग आरक्षण और संविधान के प्रति आपकी गंभीरता, सजगता और प्रतिबद्धता को जांचते हैं। 

विज्ञापन


लोकतंत्र बचाने की लड़ाई
अगर आज आप संविधान, आरक्षण और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में अपना योगदान नहीं करेंगे तो आप और आपकी आने वाली पीढ़ियाँ उसी प्रताड़ना और उपेक्षा के दुष्चक्र को जियेंगीं जिसे कभी आपके पूर्वजों ने जिया था। आपके उलाहना, उत्पीड़न और अभाव के पुराने दिन वापस आएंगे और हाथ मलने के अलावा आपके पास कोई उपाय नहीं रह जाएगा। इसलिए लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें और संविधान व आरक्षण विरोधी बीजेपी को कड़ा सबक सिखाएं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें