मोहम्मद अली जिन्ना पर बयानबाजी की राजनीति उत्तर प्रदेश से बिहार आ पहुंची है। अब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा है कि जिन्ना नहीं चाहते थे कि देश का विभाजन हो। सावरकर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते थे। सावरकर जैसे लोगों ने देश को तोड़ने का काम किया है। देश के बंटवारे के लिए सावरकर जिम्मेदार हैं। देश की आजादी में जिन्ना का बड़ा योगदान रहा।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सबसे पहले जिन्ना को पंडित जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल के समान बताया था। इसके बाद बिहार में जेडीयू नेता खालिद अनवर ने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना अखंड भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे।
खालिद अनवर ने अपने बयान में कहा कि 'जिन्ना संयुक्त भारत की आजादी के लिए बहुत बड़े स्वतंत्रता सेनानी थे। जिन्ना पहली कतार के स्वतंत्रता सेनानी थे। देश की आजादी के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की और इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जिन्ना ने मुल्क का विभाजन कराकर पाकिस्तान बनाया, मगर इसके लिए उन्हें हम भला बुरा कहें यह ठीक नहीं है।'
नेहरू और जिन्ना की महत्वाकांक्षाओं से देश बंटा
वहीं भाजपा के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि यह सबको मालूम है कि जवाहर लाल नेहरू और जिन्ना की जिद की वजह से देश का बंटवारा हुआ। दोनों प्रधानमंत्री बनना चाहते थे। आखिरकार दोनों की इच्छा पूर्ति हुई और दोनों पीएम बने, लेकिन इन दोनों की महत्वाकांक्षा की वजह से देश का बंटाधार हो गया। उस समय देश की स्थिति कमजोर थी। अर्थशास्त्र का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान से युद्ध पर खर्च हुआ। लेकिन कश्मीर की समस्या अब तक बनी हुई है।