राजद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
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इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग का फार्मूला पूरी तरह तय नहीं हुआ है। कांग्रेस, वाम दल और वीआईपी की मांग ने पहले से ही तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ा रखी है। पहले चरण की सीटों के उम्मीदवार भी अपने समर्थकों के साथ राबड़ी आवास और तेजस्वी यादव के आवास के बाहर कैंप कर रहे हैं। कुछ प्रत्याशी के समर्थक तो पिछले पांच दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी राजद के प्रत्याशियों की सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं। इन मुद्दों को देखते हुए आज राबड़ी आवास पर राष्ट्रीय जनता दल की एक कार्यालय बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने की। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अब्दुल बारीक सिद्दीकी, उदय नारायण चौधरी और आलोक मेहता शामिल हुए। करीब दो घंटे चली बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग, उम्मीदवारों के चयन, चुनाव प्रचार-प्रसार समेत कई विषयों पर चर्चा की गई।
48 घंटे में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी जाएगी
सूत्रों के अनुसार, जिन विधायकों ने 2020 के विधानसभा चुनाव में काफ़ी अंतर से जीत हासिल की थी, उन्हें हरी झंडी मिल चुकी है। वहीं, कुछ नए चेहरों को भी उनके रिपोर्ट कार्ड देखकर टिकट दिया गया है। इनमें जदयू छोड़कर आए पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, पूर्व विधायक राहुल शर्मा समेत कुछ नेता शामिल हैं। हालांकि, राजद की ओर से प्रत्याशियों के नामों की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। शीर्ष नेतृत्व की मानें, तो अगले 24 से 48 घंटे में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।
'लोग बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और पलायन की मार झेल रहे हैं'
सूत्र बता हैं कि करीब 80 से अधिक सीटें ऐसी हैं, जहां उम्मीदवारों का नाम राजद के शीर्ष नेतृत्व ने कर लिया है। तेजस्वी यादव इस बार खुद ही हर एक सीट पर उतारे गए उम्मीदवार की समीक्षा कर रहे हैं। टिकट उन्हीं को दिया जा रहा है जो मजबूती से राजद का झंडा उस विधानसभा में बुलंद कर हर हाल में जीत दिला सके। वहीं कुछ सीटों पर कांग्रेस अपने खाते में चाह रही है। इसलिए पेंच फंसा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि पिछले बीस साल से बिहार में काबिज खटारा सरकार से जनता उबर चुकी है। लोग बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और पलायन की मार झेल रहे हैं। बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन सरकार बनने पर जनता को इन समस्याओं से राहत दिलाने का काम किया जाएगा। बता दें कि राजद ने 2020 के विधानसभा चुनाव में 144 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 75 सीटों पर उसे जीत मिली थी।