मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी के अवसर पर इस बार पटना का ऐतिहासिक महावीर मंदिर भक्तों के लिए लगभग 22 घंटे तक खुला रहेगा। अनुमान है कि इस बार मंदिर में चार से पांच लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने इस भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने की पूरी तैयारी कर ली है।
मंदिर का पट तड़के दो बजे से खोल दिया जाएगा और देर रात तक भक्तों को दर्शन की सुविधा दी जाएगी। खास बात यह है कि केवल दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं (जिनके पास प्रसाद और माला नहीं होगी) को सुबह नौ बजे से 11 बजे तक दर्शन की अलग सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था पूर्वी प्रवेश द्वार से होगी, जिससे भीड़ नियंत्रण में रहे।
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भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष सुरक्षा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आस-पास के इलाके में 800 से अधिक स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। बैरिकेडिंग इस बार विशेष तौर पर स्टील पाइप से की गई है ताकि सुरक्षा पुख्ता और टिकाऊ रहे। बीर कुंवर सिंह पार्क और जीपीओ के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
श्रद्धालुओं के लिए होगी समुचित व्यवस्था
भीड़ में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पांच एंबुलेंस, डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में ही प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्थापित किया गया है। मोबाइल टॉयलेट, ठंडा पानी, शर्बत वितरण और पंखों के साथ पंडाल की भी व्यवस्था की गई है ताकि गर्मी और उमस से भक्तों को राहत मिल सके।
एलईडी स्क्रीन पर लाइव दर्शन और भजन
मंदिर परिसर के अंदर और बाहर 14 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं, जिन पर मंदिर के अंदर हो रही पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और विग्रह के दर्शन लाइव देखे जा सकेंगे। इससे पंक्तिवद्ध भक्तों को दर्शन के दौरान भी आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा।
निःशुल्क बस सेवा और नैवेद्यम की अलग व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए डॉक बंगला से बीर कुंवर सिंह पार्क तक आने-जाने के लिए निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, इस बार मंदिर परिसर के अंदर भीड़ न हो, इसलिए नैवेद्यम (लड्डू) बिक्री के करीब 13 काउंटर मंदिर परिसर के बाहर विभिन्न स्थानों पर लगाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। मंदिर के अंदर स्थित स्थायी नैवेद्यम काउंटर रामनवमी के दिन बंद रहेगा।
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विशेष पूजा और उत्सव की भव्य तैयारी
रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे से भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान फूलों की वर्षा, विशिष्ट रोट प्रसाद का वितरण और ध्वज परिवर्तन की विशेष पूजा संपन्न होगी। शाम को आने वाले जुलूसों का मंदिर में स्वागत किया जाएगा। मंदिर की ओर से इस बार दो लाख भक्तों को निःशुल्क हनुमान चालीसा वितरित किया जाएगा, ताकि हर श्रद्धालु इस पुण्य अवसर पर प्रभु श्रीराम और हनुमानजी का स्मरण कर सकें।
अयोध्या से बुलाए गए पुजारी
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने अयोध्या से अतिरिक्त पुजारियों को आमंत्रित किया है। कुल मिलाकर चार पुजारी प्रसाद चढ़ाने के लिए लगातार मंदिर में उपस्थित रहेंगे। मंदिर अधीक्षक सुधाकरण के अनुसार, इस बार व्यवस्था को भक्तों के लिए अधिक सहज और व्यवस्थित बनाया गया है। उन्होंने बताया कि केवल दर्शन करने वाले भक्त पूर्वी द्वार से प्रवेश करेंगे और उनके लिए अलग समय निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और व्यवस्था में सहयोग की अपील की गई है।