आईआईपी पार्टी के प्रमुख आईपी गुप्ता ने कहा कि महागठबंधन के पास 41 नहीं 45 विधायकों का समर्थन है। उनके इस बयान से सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...
महागठबंधन हर हाल में राज्यसभा की पांचवी सीट पर अपने उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को विजयी बनाना चाहता है। मंगलवार को तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर महागठबंधन के सभी विधायकों को एकजुट किया। बातचीत हुई। राज्यसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव ने सारी बातें स्पष्ट कर दी। इसके बाद महागठबंधन के सहयोगी घटक दल के प्रमुख इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता उर्फ आईपी गुप्ता ने एक ऐसा बयान दे दिया, जिसने राष्ट्रीय जनतांत्रिग गठबंधन में टेंशन बढ़ा दी। आईपी गुप्ता ने कहा कि महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह की जीत तय है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के सभी विधायकों के अलावा एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक हमारे उम्मीदवार को समर्थन दे रहे हैं। तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम से बातचीत कर ली है।
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45 विधायक एडी सिंह को अपना समर्थन दे रहे हैं
इंडियन इनक्लूसिव पार्टी के प्रमुख आईपी गुप्ता ने कहा कि राज्यसभा चुनाव केवल एक सीट का मामला नहीं है। यह बिहार की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला चुनाव है। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिल रहा है। 45 विधायक एडी सिंह को अपना समर्थन दे रहे हैं। इसमें महागठबंधन के 35, एआईएमआईएम के पांच, बसपा के एक और बाकी जदयू और लोजपा (राम) के विधायक हैं। आईपी गुप्ता ने दावा कि एनडीए के कुछ ऐसे विधायक संपर्क में हैं, जो अंदर से महागठबंधन के उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं।
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महागठबंधन के विधायकों के साथ मीटिंग की तेजस्वी ने
दरअसल, एक दिन पहले तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर महागठबंधन के विधायकों के साथ मीटिंग की थी। यह मीटिंग तीन घंटे तक चली गई। इसमें एआईएमआईएम और बसपा को बुलाने की भी बात सामने आई थी। लेकिन, इन दोनों पार्टी के विधायक नहीं आए। इसके बाद बसपा विधायक ने कहा कि उन्हें नहीं बुलाया गया था। इधर, राजद के दो और कांग्रेस के तीन विधायक गायब दिखे। इससे सियासी गलियारे में अटकलों का बाजार गर्म हो गया।