कार्यपालक पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला
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दानापुर के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार की हत्या के विरोध में बिहार के नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो राज्यभर के सभी नगर निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी, जिससे नगर निकायों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
छह घंटे तक शव लेकर सड़क पर बैठे रहे परिजन
बताया गया कि शनिवार रात डॉ. विमल कुमार की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद परिजन शव लेकर मुख्यमंत्री आवास जाने पर अड़े रहे, लेकिन दानापुर के गोला रोड पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके विरोध में परिजन और कार्यपालक पदाधिकारी करीब छह घंटे तक शव के साथ सड़क पर धरने पर बैठे रहे। बाद में शव का अंतिम संस्कार दीघा घाट पर किया गया।
अधिकारियों ने सुरक्षा समेत अन्य मांगों को लेकर चर्चा की
इसी क्रम में देर शाम दीघा-आशियाना रोड स्थित एक निजी हॉल में बिहार के विभिन्न नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत डॉ. विमल कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करने और दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद अधिकारियों ने अपनी सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है तो बिहार के सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
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सरकार को ज्ञापन सौंपकर कई प्रमुख मांगें रखी
कार्यपालक पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने सरकार को ज्ञापन सौंपकर कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें डॉ. विमल कुमार हत्याकांड की एसआईटी से निष्पक्ष जांच, सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को सशस्त्र सुरक्षा उपलब्ध कराना, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देना तथा उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी प्रदान करना शामिल है। पदाधिकारियों के अनुसार, मगध रेंज के आईजी ने उन्हें जानकारी दी है कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। उनका कहना है कि यह किसी कार्यपालक पदाधिकारी की दूसरी हत्या है, जिससे पूरे राज्य के नगर निकाय अधिकारियों में भय और आक्रोश का माहौल है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी
कार्यपालक पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को शीघ्र स्वीकार कर लेती है तो हड़ताल के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाएगा। अन्यथा राज्यभर के सभी नगर निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।