यह किसी खेत में धान की रोपाई नहीं हो रही, बल्कि पटना जिले के मोकामा नगर परिषद अंतर्गत वार्ड संख्या 1 और 2 के पाठक गाछी जाने वाली मुख्य सड़क और मोहल्ले की गलियों की मौजूदा बदहाल स्थिति के विरोध का अनोखा तरीका है। यहां जलजमाव की समस्या से दोनों वार्डों के लगभग 50 घरों के लोग परेशान हैं। सड़कों पर पानी भर जाने से स्थानीय लोगों का रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, मरीजों को घर से बाहर ले जाना कठिन हो गया है और लोगों को हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़कों और गलियों में घुटनों तक पानी जमा हुआ
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों और गलियों में घुटनों तक पानी जमा है। आवागमन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने पर स्थानीय लोगों ने लकड़ी और बांस से अस्थायी 'चचरी पुल' बनाकर आने-जाने की व्यवस्था की है। जमा पानी में जहरीले कीड़े-मकोड़ों, करंट लगने के खतरे के साथ-साथ डेंगू और डायरिया जैसी बीमारियों का भी डर लोगों को सता रहा है। बताया जा रहा है कि पूरे नगर परिषद क्षेत्र में बुडको (BUDCO) द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से नाला निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन लगभग हर वार्ड में काम अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
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सड़क पर धान की रोपाई कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया
इसी समस्या के विरोध में वार्ड पार्षद हरे कृष्णा सिंह, रवि भारद्वाज और स्थानीय लोगों ने प्रतीकात्मक रूप से सड़क पर धान की रोपाई कर नगर प्रशासन और जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। हालात इतने खराब हैं कि कई परिवार अपने घर तक पहुंचने के लिए अपनी लागत से चचरी पुल का निर्माण करा चुके हैं। वहीं, कई लोगों के चापाकल का ऊपरी हिस्सा भी गंदे पानी में डूबा हुआ है और लोग मजबूरी में इसी पानी का उपयोग करने को विवश हैं। स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन और जिला प्रशासन से जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि वार्ड संख्या 1 और 2 के लोगों को राहत मिल सके।