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बिहार: जिस कंपनी पर यूपी में हुई कार्रवाई, वही प्रदेश में बना रही एक्सप्रेसवे; लोगों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल

Thu, 24 Sep 2026 04:27 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासाराम

सार

उत्तर प्रदेश में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के आरोपों पर पीएनसी इंफ्राटेक को तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है। बिहार के सासाराम से गुजर रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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राष्ट्रीय राजमार्ग ऑफिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बिहार होते हुए रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी को घटिया निर्माण, कार्य में लापरवाही और खराब निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के मामले में उत्तर प्रदेश में तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की कार्रवाई के बाद पीएनसी इंफ्राटेक उत्तर प्रदेश में एनएचएआई की किसी भी निविदा प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेगी। हालांकि, बिहार में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही इस कंपनी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।

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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में लापरवाही पर कार्रवाई
दरअसल, पीएनसी इंफ्राटेक के खिलाफ यह कार्रवाई लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में लापरवाही बरतने के मामले में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी पर एक्सप्रेसवे के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और गंभीर लापरवाही के आरोप लगे थे। इसके चलते कई जगहों पर एक्सप्रेसवे के धंसने की शिकायतें सामने आई थीं और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे।

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अन्य परियोजनाओं पर नहीं पड़ेगा असर
एनएचएआई की ओर से उत्तर प्रदेश में प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कंपनी की अन्य परियोजनाओं पर इसका तत्काल असर नहीं पड़ेगा। निविदा अनुबंध की शर्तों के अनुसार, पीएनसी इंफ्राटेक अपनी अन्य परियोजनाओं का काम जारी रख सकती है, जब तक कि एनएचएआई की ओर से किसी परियोजना के संबंध में अलग से कोई फैसला नहीं लिया जाता।

बिहार में एक्सप्रेसवे निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश में पीएनसी इंफ्राटेक पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद बिहार के सासाराम से होकर गुजरने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस कंपनी पर उत्तर प्रदेश में निर्माण की गुणवत्ता और लापरवाही के मामले में कार्रवाई हुई है, उसके द्वारा बिहार में एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जाना चिंता का विषय है।

स्थानीय लोगों ने एनएचएआई से एक्सप्रेसवे निर्माण की लगातार निगरानी करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में कहीं भी कमी या गुणवत्ता से समझौता पाया जाता है तो तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

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निर्माण कार्य की चल रही मॉनिटरिंग- प्रोजेक्ट डायरेक्टर 
वहीं मामले में एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आर के वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पीएनसी कंपनी पर लगे प्रतिबंध से वाराणसी रांची कोलकाता एक्सप्रेसवे को कोई लेना देना नहीं है। एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि निर्माण कंपनी द्वारा सभी मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है और अब तक कोई कमी सामने नहीं आई है।

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