नामांकन कर बाहर निकलते एनडीए के उम्मीदवार और सीएम
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बिहार विधान परिषद् की नौ सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उप चुनाव के लिए आज नामांकन समाप्त हो गया। एनडीए के नौ प्रत्याशियों ने पर्चा भरा, जबकि राजद से सुनील सिंह ने नामांकन दाखिल किया। इस न्दौरान सबसे ज्यादा जिस बात की चर्चा रही वह उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के नामांकन नहीं भरने का था। इस बात से उपेन्द्र कुशवाहा के चेहरे पर मायूसी देखने को मिली। इस संबंध में राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वह एनडीए के साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुड़े हुए हैं और आगे भी गठबंधन का हिस्सा बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, तब उनके समर्थन में सबसे पहले आवाज उठाने वालों में वह भी शामिल थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी और भाजपा के बीच वैचारिक असमानता नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक सोच और मूल विचारधारा जनता दल (यूनाइटेड) के अधिक करीब है।
इन्होने भरा पर्चा
नामांकन भरने वालों में भाजपा से भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह, संजय मयूख, शीला पंडित और अनिल ठाकुर शामिल हैं। जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद हैं। वहं लोजपा रामविलास पार्टी से अशरफ अंसारी और राजद से सुनील सिंह ने अपना नामांकन कराया।
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पवन सिंह के लिए करना पड़ा आधा घंटा इंतजार
बिहार विधान परिषद् की 9 सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उप चुनाव के लिए नामांकन के दौरान पवन सिंह की खूब चर्चा हुई। चर्चा इस लिए हुई क्यों कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आने के पहले सभी लोग आ चुके थे। यहां तक कि विपस्ख के उम्मीदवार सुनील कुमार सिंह सबसे पहले पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आने तक सभी लोगों की मौजूदगी हो चुकी थी, लेकिन सिने स्टार पवन सिंह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आने के लगभग आधे घंटे बाद विधान सभा पहुंचे। बताया जाता है कि उनके आने के बाद ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई।
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विधान परिषद में एनडीए की बढ़ेगी ताकत
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए एनडीए के सभी नौ उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट, संगठित और मजबूत है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि गठबंधन के सभी उम्मीदवार विजयी होंगे तथा विधान परिषद में एनडीए की ताकत और अधिक बढ़ेगी। संजय सरावगी ने कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में जो कार्य किए हैं, उसी का परिणाम है कि गठबंधन के प्रति जनप्रतिनिधियों और जनता का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में भी यह विश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए के पास स्पष्ट संख्या बल है और सभी सहयोगी दल पूरी मजबूती के साथ एक-दूसरे के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन के प्रत्याशी विभिन्न सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा उनके अनुभव और कार्यक्षमता का लाभ बिहार को मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी उम्मीदवार निर्विरोध अथवा भारी समर्थन के साथ विजयी होकर सदन में पहुंचेंगे।