उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा अन्य लोग
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बिहार सरकार ने खगड़िया, सुपौल, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जिलों में बाढ़ से बचाव और तटबंध सुदृढ़ीकरण के लिए 105.90 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी है। यह फैसला बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए वर्ष 2025 के मानसून से पांच महीने पहले ही आपदा नियंत्रण की तैयारी के तहत लिया गया है। उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आपदा की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करना है।
खगड़िया में तटबंधों को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर
सम्राट चौधरी ने बताया कि खगड़िया जिले में दो महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत कुल 41.44 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
- तेलिहार जमींदारी बांध के पास कटाव निरोधक कार्य के लिए ₹22.05 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, जिससे आसपास के इलाकों को सुरक्षित किया जाएगा।
- खगड़िया शहर सुरक्षा तटबंध (एंटी पलड स्लूईस) के निर्माण और तटबंध को ऊंचा और सुदृढ़ करने के लिए ₹19.39 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
भागलपुर जिले में इस्माईलपुर-बिन्दटोली तटबंध का पुनर्निर्माण
भागलपुर जिले में बाढ़ सुरक्षा के लिए इस्माईलपुर-बिन्दटोली तटबंध के रिवेटमेंट और कटाव निरोधक कार्य को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर ₹1737.36 लाख (17.37 करोड़ रुपये) खर्च किए जाएंगे। इसके तहत तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जाएगी और फेरी घाट तक कटाव निरोधक उपाय किए जाएंगे।
सुपौल जिले में तीन बड़े बांधों के मरम्मत कार्य को स्वीकृति
सुपौल जिले में सिकरहट्टा-मंझार निम्न बांध, डगमारा मार्जिनल बांध और निर्मली घेरा बांध के मरम्मत और सड़क निर्माण के लिए ₹1721.97 लाख (17.21 करोड़ रुपये) की मंजूरी दी गई है। इससे इन तटबंधों की मजबूती बढ़ेगी और स्थानीय निवासियों को बाढ़ के खतरे से राहत मिलेगी।
मुजफ्फरपुर में बागमती नदी तटबंध के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान
मुजफ्फरपुर जिले में बागमती प्रमंडल के अंतर्गत नाबार्ड वित्तपोषित एक योजना के तहत बागमती नदी के दाएं तटबंध को मजबूत करने के लिए ₹2988.82 लाख (29.88 करोड़ रुपये) की मंजूरी दी गई है। इस योजना से नदी के किनारे रहने वाले हजारों लोगों को बाढ़ से राहत मिलेगी और कृषि क्षेत्र को भी सुरक्षा मिलेगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण, कटाव निरोधक कार्य और तटबंधों को मजबूत करने के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इस उद्देश्य से ‘गो-अहेड’ नोटिफिकेशन जारी किया गया है ताकि समय पर सभी कार्य पूरे किए जा सकें।
‘बाढ़ से स्थायी समाधान सरकार की प्राथमिकता’
बिहार सरकार लगातार बाढ़ से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों पर जोर दे रही है। सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बाढ़ के प्रभाव को कम करना और तटबंधों की मजबूती के जरिए संभावित आपदाओं से पहले सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार ने पहले ही वर्षा-बाढ़ के मौसम से पूर्व तैयारी शुरू कर दी है, जिससे संभावित नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।