पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र स्थित बिस्कोमान चुनाव में शनिवार को विवाद के बाद पुनः गिनती कराई गई। इसमें डॉ. सुनील सिंह की पत्नी वंदना सिंह ने जीत दर्ज की। यह चुनाव खासा विवादित रहा था, जिसमें एनसीसीएफ के अध्यक्ष विशाल सिंह और वंदना सिंह के बीच सीधा मुकाबला था। पिछले सप्ताह चुनाव के परिणामों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था, जिसके बाद आज फिर से गिनती का फैसला लिया गया।
पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुनील सिंह की पत्नी ने दिखाई ताकत
पूर्व विधान परिषद सदस्य और बिस्कोमान के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुनील सिंह की पत्नी वंदना सिंह ने 17 सीटों से अपनी जीत सुनिश्चित की। गौरतलब है कि डॉ. सुनील सिंह 21 वर्षों तक बिस्कोमान के अध्यक्ष रहे थे। उनकी पत्नी की यह जीत एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम मानी जा रही है। चुनाव के पहले परिणामों में वंदना सिंह अग्रणी थीं, लेकिन विवाद के बाद शनिवार को पुनः गिनती की गई और इसमें भी वंदना सिंह ने विजय हासिल की।
चुनाव विवाद और पुनः गिनती का कारण
जानकारी के मुताबिक, पिछले सप्ताह संपन्न चुनाव के बाद वंदना सिंह के जीतने के बावजूद चुनाव परिणामों पर विवाद उठ खड़ा हुआ था। आरोप थे कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई थी, जिसके बाद पुनः गिनती की आवश्यकता महसूस की गई। इस विवाद के चलते गिनती आज शनिवार को फिर से की गई और अंततः वंदना सिंह ने अपनी जीत पक्की कर ली। इस जीत के बाद डॉक्टर सुनील सिंह के खेमे में जश्न का माहौल है, जहां समर्थक बधाई दे रहे हैं।
सभी उम्मीदवारों ने किया था नामांकन
बिस्कोमान के चुनाव में 33 उम्मीदवारों ने नामांकन दर्ज कराया था और 17 सीटों के लिए मतदान हुआ था। डॉ. सुनील सिंह के समर्थकों के लिए यह जीत बड़ी खुशियों का कारण बन गई है, खासकर तब जब उन्होंने बिस्कोमान के अध्यक्ष पद पर 21 वर्षों तक अपनी पकड़ बनाई थी।
यह चुनाव 26 जुलाई 2024 के बाद हुआ, जब डॉ. सुनील सिंह को बिस्कोमान के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। इसके बाद इस चुनाव में वंदना सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत और राजनीतिक रणनीति से जीत हासिल की। उनके समर्थक इस जीत को डॉ. सुनील सिंह के नेतृत्व का ही परिणाम मानते हैं। अब वे भविष्य में बिस्कोमान के संचालन में वंदना सिंह के नेतृत्व में नई दिशा देखने की उम्मीद कर रहे हैं। वंदना सिंह के समर्थकों का कहना है कि उनकी जीत से बिस्कोमान में न सिर्फ राजनीतिक बदलाव आएगा, बल्कि एक नई कार्यप्रणाली की शुरुआत होगी।