बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार की तरफ से दलित समाज के उत्थान के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के दिखाए गए रास्ते पर चलकर सरकार दलितों के कल्याण के लिए 22 योजनाओं को लागू कर रही है। सम्राट चौधरी ने यह बातें पटना के मिलर हाई स्कूल मैदान में आयोजित विशाल दलित महापंचायत को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने दलित समुदाय के लिए किए गए विभिन्न विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।
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‘दलित छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की गई दोगुनी’
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल के बजट में दलित छात्रों की छात्रवृत्ति को एकर हजार रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये मासिक कर दिया गया है, जिससे उनका हौसला बढ़ेगा और उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, बिहार के 38 जिलों में सावित्री बाई फुले छात्रावास बनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि दलित छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा और रहने की सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी बताया कि दलित बस्तियों में 80 प्रतिशत परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाए गए हैं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और उनकी जीवन-स्तर में सुधार हो रहा है।
‘पंचायतों में आरक्षण देने का ऐतिहासिक कदम’
सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए सरकार ने पहली बार पंचायतों में दलितों को आरक्षण दिया है। यह एक ऐतिहासिक कदम है, जिसने दलित समुदाय को राजनीतिक अधिकार और प्रतिनिधित्व प्रदान किया। उन्होंने इस अवसर पर बिहार में राजद शासनकाल के खिलाफ भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राजद सरकार ने 2001 में बिना आरक्षण दिए पंचायत चुनाव कराए थे, जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री खुद को दलितों और पिछड़ों का मसीहा मानते थे। सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए सरकार ने इस कमी को पूरा किया है और दलितों को पंचायतों में आरक्षण देकर उनके अधिकारों की रक्षा की है।
‘नेहरू-कांग्रेस ने बाबा साहब और आरक्षण का विरोध किया’
उपमुख्यमंत्री ने भारतीय राजनीति के इतिहास को भी याद कर कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर का अपमान किया था। उन्होंने बाबा साहब को लोकसभा चुनाव में हराने की साजिश रची और आरक्षण के खिलाफ मुख्यमंत्रियों से पत्र लिखवाए। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी, चाहे वह पं. नेहरू हों या राजीव गांधी, ने हमेशा आरक्षण का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मोदी और नीतीश की सरकार आरक्षण और दलित समाज के उत्थान के प्रति प्रतिबद्ध है, जो बाबा साहेब के विचारों के अनुरूप है।
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‘दलित समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार’
सम्राट चौधरी ने अंत में कहा कि बाबा साहब द्वारा दिए गए संविधान और आरक्षण के सिद्धांतों की रक्षा करना सरकार का प्राथमिक उद्देश्य है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार सरकार ने बाबा साहब के विचारों और उनके द्वारा किए गए संघर्ष को महत्व देते हुए 22 योजनाओं को लागू किया है, जो दलित समाज के उत्थान के लिए अहम साबित हो रही हैं।