जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पटना पर यातायात प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण और समीक्षा बैठक की। यह बैठक एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन के संचालन और उससे उत्पन्न संभावित यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई।
नए टर्मिनल से बढ़ेगा यातायात दबाव
जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि नया टर्मिनल भवन अप्रैल से चालू होने की संभावना है। वर्तमान में पटना एयरपोर्ट पर पांच हवाई जहाज एक साथ लग सकते हैं, लेकिन नए भवन के चालू होने पर यह संख्या ग्यारह हो जाएगी। समानांतर टैक्सी ट्रैक बनने और वायुयान फ्रीक्वेंसी में वृद्धि से यात्री संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे यातायात पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
तात्कालिक और दीर्घकालीन योजना पर विचार
बैठक में यातायात प्रबंधन के लिए तात्कालिक और दीर्घकालीन योजनाओं पर चर्चा की गई।
- तात्कालिक योजना: वेटनरी कॉलेज ग्राउंड के सामने और स्टेट हैंगर के पास दो नए यू-टर्न बनाने का प्रस्ताव रखा गया।
- दीर्घकालीन योजना: नए टर्मिनल के सामने फ्लाईओवर या अंडरपास के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है।
चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान
एयरपोर्ट के नजदीकी तीन प्रमुख सड़कों पीर अली पथ, राजाबाजार की ओर जाने वाली सड़क और बीएसएपी रोड का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
नए टर्मिनल भवन की अनूठी डिजाइन
नया टर्मिनल भवन आगमन और प्रस्थान के लिए दो स्तरों के मार्ग प्रदान करेगा, जो पीर अली पथ पर एक ही स्थान पर मिलेंगे। इससे ट्रैफिक जाम की संभावना है, जिसके समाधान के लिए विस्तृत योजना बनाई जा रही है।
स्लिप रोड और समर्पित एंट्री-एग्जिट की योजना
बैठक में नए टर्मिनल के एक्जिट पर तीन जगह से स्लिप रोड बनाने की योजना का भी अध्ययन करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही बीएसआरडीसीएल द्वारा डेडिकेटेड एंट्री और एग्जिट के लिए फ्लाईओवर या अंडरपास का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।
वहीं, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यातायात प्रबंधन के लिए सभी संबंधित पक्षों से समन्वय स्थापित करें। दीर्घकालीन योजना को अंतिम रूप देने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है, लेकिन अंतरिम उपायों को नए टर्मिनल के संचालन से पहले पूरा करने का निर्देश दिया गया।
इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य जनहित को प्राथमिकता देते हुए यातायात को सुगम बनाना और पटना एयरपोर्ट पर बढ़ने वाले यात्री दबाव को प्रभावी रूप से प्रबंधित करना है।