बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के तहत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्रावासों को सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी सिलसिले में शिक्षा विभाग के सचिव और पटना के जिलाधिकारी ने पटना के विभिन्न छात्रावासों का निरीक्षण किया और छात्रों से उनकी समस्याओं एवं जरूरतों पर चर्चा की।
छात्रावासों की दयनीय स्थिति पर छात्रों ने जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर ने बताया कि लगभग सभी छात्रावासों में तीन प्रमुख समस्याएं फर्नीचर, विद्युत वायरिंग और शौचालयों की स्थिति सामने आई हैं। कई हॉस्टलों में फर्नीचर बेहद पुराने हो चुके हैं, जिससे छात्रों को असुविधा हो रही है। वहीं, इलेक्ट्रिकल वायरिंग और शौचालयों की स्थिति सुधारने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। छात्रावासों की इमारतों की मरम्मत, रंग-रोगन और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की भी मांग उठी, जिससे वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न हो।
31 छात्रावासों को चिह्नित कर सुधार की योजना
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत पटना शहर में स्थित 31 छात्रावासों को चिह्नित किया गया है, जिनका चरणबद्ध तरीके से जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस कार्य की निगरानी के लिए शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
इस समिति में पटना विश्वविद्यालय और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष, उप विकास आयुक्त, बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम के अधीक्षण अभियंता, समाज कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति छात्रावासों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
छात्रों की मांगों पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान कला एवं शिल्प महाविद्यालय की प्राचार्या ने बताया कि कॉलेज में कुल 300 विद्यार्थी हैं। लेकिन छात्रावास की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण 60 छात्रों और 60 छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल की आवश्यकता है। वर्तमान में केवल 32 छात्रों के लिए सीमित कमरे उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने गर्ल्स हॉस्टल की आवश्यकता को स्वीकार किया और इसके लिए विकल्प तलाशने का आश्वासन दिया।
इसके अलावा मगध महिला कॉलेज के महिमा बालिका छात्रावास की छात्राओं ने पुस्तकालय की जरूरत, वैदेही बालिका छात्रावास की छात्राओं ने फर्नीचर, गीजर और वाटर कूलर जैसी सुविधाओं की मांग की।
डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास, जैक्सन, मिंटो, इकबाल और सैदपुर परिसर के चार छात्रावासों में इमारतों के जीर्णोद्धार, विद्युत वायरिंग और शौचालयों की मरम्मत की आवश्यकता बताई गई।
योजनाबद्ध तरीके से होगी मरम्मत और विस्तार
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रावासों को आधुनिक और छात्रों के अनुकूल बनाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनाई जा रही है। मगध महिला कॉलेज के डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास सहित कई हॉस्टलों के विस्तारीकरण पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार एक अभियान के तहत मरम्मत और रखरखाव कार्य करेगी, जिससे छात्र-छात्राओं को रहने, पढ़ाई और अन्य सुविधाओं में कोई कठिनाई न हो।