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Bihar News: बिहार दिवस समारोह में राजस्व नक्शे की भारी मांग, ढाई सौ लोगों ने हाथों-हाथ लिया अपने गांव का नक्शा

Sun, 23 Mar 2025 08:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna News: पटना निवासी राधेराम प्रसाद ने खुशी जताते हुए बताया कि वह सिर्फ नक्शा लेने की इच्छा से ही मेले में आए थे। उन्होंने बताया कि फॉर्म भरने में विभाग के कर्मचारियों ने बहुत सहयोग किया और मुझे दो घंटे में नक्शा मिल गया। पढ़ें पूरी खबर...।
 
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अपने गांव-मौजा का राजस्व नक्शा लेने को स्टॉल पर जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार दिवस समारोह के दूसरे दिन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्टॉल पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। ब्लॉक ए के स्टॉल संख्या आठ से 13 तक लगे इस विभागीय स्टॉल पर राज्यभर से आए सैकड़ों रैयतों ने अपने गांव-मौजा का राजस्व नक्शा प्राप्त किया। विभाग की यह पहल आम जनता को उनकी भूमि से जुड़ी जानकारी सुलभ कराने की दिशा में एक सराहनीय कदम बनकर सामने आई है।

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राजस्व नक्शा लेने वालों की लगी लंबी कतार
राजस्व नक्शा प्राप्त करने की सुविधा की खबर फैलते ही स्टॉल पर सुबह से ही रैयतों की लंबी कतार लग गई। विभागीय काउंटर पर सीएस, आरएस, चकबंदी और म्युनिसिपल सर्वे नक्शे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नक्शा प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को मौजा/गांव का नाम, राजस्व थाना का नाम व नंबर, चादर संख्या और जिला का नाम एक निर्धारित फॉर्म में भरना होता है। इसके बाद 150 रुपये प्रति शीट के हिसाब से नकद भुगतान कर नक्शा तुरंत उपलब्ध कराया जाता है।
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विभाग को हुई 35 हजार की आय
राजस्व विभाग के अनुसार, दूसरे दिन कुल 231 लोगों ने नक्शा प्राप्त किया, जिससे विभाग को लगभग ₹35,000 की आय हुई। नक्शे की बढ़ती मांग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोगों को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी में गहरी रुचि है और इस तरह की पहल से उन्हें सीधी और भरोसेमंद जानकारी मिल रही है।
 
कैथी लिपि की किताब भी बनी आकर्षण का केंद्र
राजस्व नक्शों के अलावा विभागीय स्टॉल पर कैथी लिपि पर आधारित पुस्तकें भी उपलब्ध हैं, जिन्हें ₹50 प्रति प्रति की दर से बेचा जा रहा है। इस किताब की भी लोगों के बीच खास मांग देखी गई और सौ से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं।
 
फतुहा (पटना) निवासी राधेराम प्रसाद ने खुशी जताते हुए बताया कि वह सिर्फ नक्शा लेने की इच्छा से ही मेले में आए थे। उन्होंने बताया कि फॉर्म भरने में विभाग के कर्मचारियों ने बहुत सहयोग किया और मुझे दो घंटे में नक्शा मिल गया।
 
नालंदा से आए सुंदर ठाकुर ने भी विभाग की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अखबार के माध्यम से जानकारी मिलने पर मैं यहां आया और यह देखकर बेहद संतोष हुआ कि अब नक्शा प्राप्त करना इतना आसान हो गया है।
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ऑनलाइन सेवाओं की भी सुविधा उपलब्ध
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेला स्टॉल के अलावा, रैयत वसुधा केंद्र या राजस्व विभाग की वेबसाइट www.dlrs.gov.in पर जाकर ‘डोर स्टेप डिलीवरी’ सेवा के माध्यम से घर बैठे भी नक्शा मंगा सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद लाभकारी है, जो किसी कारणवश मेला स्थल नहीं पहुंच पाए हैं।

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