राज्य औषधि नियंत्रक की टीम ने पटना कंकड़बाग स्थित मैसर्स सेल्यूलस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, D-167, पी.सी. कॉलोनी में संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान के संचालक मृत्युंजय कुमार सिंह उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही साइनबोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया और औषधियों के भंडारण की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।
जांच में पाया गया कि प्रतिष्ठान के पास केवल एक कमरे (11.15 वर्ग मीटर) के लिए औषधि मंजूरी थी, जबकि औषधियां चार कमरों में रखी गई थीं। इस पर विस्तृत जांच के लिए फ्लैट के मुख्य द्वार को सील कर दिया गया। अनियमितताओं के मद्देनजर 10 औषधियों की बिक्री एवं निकासी पर रोक लगाते हुए प्रपत्र-15 जारी किया गया। दो एक्सपायर औषधियों को प्रपत्र-16 के तहत जब्त किया गया, जबकि सात औषधियों के नमूने जाँच एवं विश्लेषण के लिए संग्रहित किए गए। प्रतिष्ठान को आवश्यक अभिलेख पाँच दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
संयुक्त कार्रवाई में तीन लोग जेल भेजे गए
औषधियों के नमूनों की जांच रिपोर्ट एवं संबंधित अभिलेखों की समीक्षा के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा नियमों के अनुपालन के लिए निरीक्षण एवं जाँच अभियान जारी है।
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पुलिस एवं उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई में तीन लोग जेल भेजे गए निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की बोतले मिलने पर पुलिस एवं उत्पाद विभाग को सूचित कर कार्रवाई की गई। शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
औषधि नियंत्रक विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान औषधियों के क्रय अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने, अनुज्ञप्ति के निर्धारित क्षेत्र से बाहर औषधियों के भंडारण तथा अन्य अनियमितताओं से संबंधित बिंदुओं को दर्ज किया गया। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।