बिहार सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए सड़कों के कायाकल्प की एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में 30 जून 2025 तक सभी ग्रामीण सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत राज्य के 38 जिलों की 13,436 ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 23,938.545 किलोमीटर होगी। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक सभी लंबित सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने की योजना बनाई गई है। इस पहल से न केवल यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
राज्य के सभी जिलों की ग्रामीण सड़कों का होगा कायाकल्प
इस योजना के तहत राज्य में कुल 2185 सड़कों (3530.882 किलोमीटर) का उन्नयन किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 3056.13 करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा राज्य के 38 जिलों में कुल 13,436 सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना पर 20,322.415 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने स्वीकृत सड़कों की निविदा प्रक्रिया तुरंत शुरू करने और मार्च 2025 तक इसे पूरा करने का निर्देश दिया है।
सड़कों की गुणवत्ता होगी सुनिश्चित
इस योजना के तहत सड़कों को टिकाऊ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं:-
4,182 सड़कों का होगा कायाकल्प
वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगभग 4,182 सड़कों (7300 किलोमीटर) की मरम्मत और उन्नयन किया जाएगा। इनमें वे सड़कें शामिल हैं, जो 31 मार्च 2025 तक पंचायत स्तरीय अनुश्रवण अवधि से बाहर हो जाएंगी। इन सभी सड़कों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के स्वीकृत बजट से क्रियान्वित किया जाएगा।