Bihar : बिहार विधान सभा चुनाव में अब कुछ ही महीने शेष रह गये हैं। इसको लेकर सत्ता पक्ष जहां एक ओर अपनी उपलब्धी गिनाने के लिए लगातार नए नए निर्माण कार्यों को पूरा कर रही है, वहीं SIR मुद्दे पर विपक्ष सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा रही है।
भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य और देश में आम जनता की समस्याओं की अनदेखी कर सरकार कॉरपोरेट घरानों को लगातार फायदा पहुँचा रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों की बदहाली जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार समाधान करने के बजाय जनता की आवाज़ को दबाने में लगी है।
राजधानी पटना में सोमवार को वाम दल ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा दोनों मिलकर वोट की चोरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 15 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं, लेकिन चुनाव आयोग इस पर खामोश है और उन्होंने कहा कि अब तक सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए।
दीपांकर भट्टाचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने आज तक एक भी आपत्ति क्यों दर्ज नहीं कराई। भट्टाचार्य ने कहा कि भाकपा (माले) ही पहली पार्टी है जिसने इस गड़बड़ी पर आपत्ति दर्ज कराई है, लेकिन आयोग क्या कार्रवाई कर रहा है यह देखना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में जारी ‘वोट अधिकार यात्रा’ को व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे भाजपा बुरी तरह घबराई हुई है। उन्होंने साफ कहा कि वोट की चोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। मजदूरों, किसानों और गरीब तबकों की आवाज़ बुलंद करने के लिए चरणबद्ध ढंग से संघर्ष को तेज़ किया जाएगा।