बिहार ने एक बार फिर देश के डिजिटल परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभाते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग के बेहतर क्रियान्वयन के लिए बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) को 'ईटी गवर्मेंट डिजिटेक अवॉर्ड 2025' में स्वर्ण पुरस्कार (गोल्ड कैटेगरी) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नई दिल्ली में आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें राज्य की पहल ‘बिहार- प्राऊड टॉर्च बियरर ऑफ यूनिवर्सल स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग फॉर द नेशन’ को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन लीडर इन पब्लिक सेक्टर श्रेणी में श्रेष्ठ घोषित किया गया।
स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग बनी सफलता की कहानी
इस अवसर पर पुरस्कार ग्रहण करते हुए ऊर्जा विभाग के सचिव सह BSPHCL के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज कुमार पाल ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग की यह पहल उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने, बिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी करने और ऊर्जा प्रबंधन को अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह अभियान महज़ तकनीकी बदलाव नहीं था, बल्कि एक सामाजिक और प्रशासनिक सुधार का हिस्सा था, जिसमें उपभोक्ता जागरूकता और भागीदारी को प्रमुखता दी गई।
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जागरूकता से मिला व्यापक समर्थन
इस योजना की सफलता के पीछे राज्य भर में चलाए गए व्यापक जागरूकता अभियानों की अहम भूमिका रही। ग्रामीण इलाकों में चेक मीटर लगाए गए ताकि उपभोक्ता स्वयं तुलना कर सकें कि डिजिटल और स्मार्ट मीटर में कोई अंतर नहीं है। सभी सरकारी भवनों में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। पंफलेट वितरण, मोबाइल वैन, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, जीविका दीदियों द्वारा घर-घर संपर्क, मेले व सांस्कृतिक आयोजनों में स्टॉल आदि सभी माध्यमों से लोगों को स्मार्ट मीटर की उपयोगिता समझाई गई।
‘उपभोक्ताओं को मिल रही पारदर्शिता और सुविधा’
ऊर्जा सचिव ने बताया कि इस प्रणाली से उपभोक्ता खुद तय कर सकते हैं कि उन्हें कितनी बिजली की आवश्यकता है और उसी अनुसार भुगतान कर सकते हैं। इससे गलत बिलिंग, अनियमितता और बकाया बिल की समस्याओं में भारी कमी आई है। उपभोक्ता अपने बिजली उपयोग और खर्च दोनों पर बेहतर नियंत्रण रख पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री की सोच और मंत्री के नेतृत्व की परिणति
पाल ने इस पहल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच और ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के मजबूत नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत वर्ष 2019 में गया जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी, जिसकी सफलता के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया गया।
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दूसरे राज्यों के लिए बना मॉडल
स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग की सफलता को देखकर देशभर से विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि बिहार का दौरा कर रहे हैं, ताकि इस मॉडल को अपने राज्यों में लागू किया जा सके। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय भी समय-समय पर इस परियोजना की सराहना करता रहा है।
टीमवर्क और भागीदारी के लिए आभार
अंत में पंकज पाल ने इस पुरस्कार के लिए दोनों वितरण कंपनियों उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) की टीमों, उपभोक्ताओं तथा सभी मीटरिंग एजेंसियों का आभार प्रकट किया।