बीपीएससी पेपर लीक मामले में पटना से आरोपी विपुल शर्मा गिरफ्तार
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बिहार लोक सेवा आयोग की पेपर लीक परीक्षा से जुड़े मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर ईओयू ने संजीव मुखिया गिरोह के वांछित अभियुक्त विपुल कुमार उर्फ विपुल शर्मा को सोमवार को पटना के गोला रोड स्थित उसके निवास स्थान से गिरफ्तार किया।
संजीव मुखिया गिरोह का सक्रिय सदस्य
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में विपुल कुमार उर्फ विपुल शर्मा ने स्वीकार किया कि वह संजीव मुखिया गिरोह का सक्रिय सदस्य है। आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार यह गिरोह प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता रहा है और प्रश्न पत्र लीक करने में भी इसकी संलिप्तता रही है।
हरियाणा एसटीईटी पेपर लीक में भूमिका
पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि वर्ष 2023 में हरियाणा की एसटीईटी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक कराने में विपुल कुमार ने संजीव मुखिया की मदद की थी। उसने बताया कि गिरोह के कुछ सदस्यों के साथ वह फ्लाइट से दिल्ली गया और वहां से सड़क मार्ग से हरियाणा के सोनीपत स्थित एक रिसॉर्ट में अभ्यर्थियों को लीक प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाए गए थे।
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बीपीएससी टीआरई 3.0 से जुड़ा खुलासा
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बीपीएससी टीआरई 3.0 परीक्षा से ठीक पहले विपुल कुमार संजीव मुखिया से जुड़कर 15 अभ्यर्थियों को विंगर वाहन से झारखंड के हजारीबाग स्थित कोहिनूर होटल ले गया था। वहां पहले से योजना के तहत करीब 500 अभ्यर्थियों को लीक प्रश्न पत्र रटवाने की व्यवस्था की गई थी।
तकनीकी साधनों के इस्तेमाल का दावा
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार कोहिनूर होटल में अभ्यर्थियों को फ्रीज करने के लिए हेल्ड डिवाइस भी साथ ले जाई गई थी। इन सभी तथ्यों के आधार पर गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। ईओयू ने बताया कि पेपर लीक मामले में अब तक कुल 289 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। शेष फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी की जा रही है।