बिहार के सीएम नीतीश कुमार(फाइल)
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बिहार में शराबबंदी कानून में एक नए संशोधन में यह निर्णय लिया गया कि पहली बार शराब पीते हुए पकड़े जाने वालों को जुर्माना भरने के बाद रिहा किया जाएगा। बता दें कि राज्य विधानसभा के बजट सत्र में पारित किए गए संशोधन में जुर्माने की राशि का विवरण नहीं दिया गया था लेकिन बीते सोमवार को राज्य कैबिनेट ने जुर्माने की नई राशि को मंजूरी दे दी।
जानें क्या है नया जुर्माना
राज्य में पहली बार शराब पीते हुए पकड़े जाने वालों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के निर्णय के अनुसार 2,000 रुपये से 5,000 रुपये के बीच जुर्माना लेकर रिहा किया जाएगा। इससे पहले, 2018 में किए गए एक संशोधन के अनुसार, पहली बार अपराधियों के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना था। वहीं, यदि पहली बार अपराध करने वाला व्यक्ति जुर्माना अदा करने में विफल रहता है तो उसे एक माह की कैद हो सकती है। जुर्माने की राशी भरकर छूटने का मतलब यह कतई नहीं होगा कि आप पुलिस और मजिस्ट्रेट से दुर्व्यवहार करेंगे। अगर आप पुलिस के सामने सही से पेश नहीं आते हैं तो आपको जेल जाना पड़ सकता है।
दूसरी बार पकड़े गए तो एक वर्ष की कैद
अगर आप दूसरी बार शराब पीते पकड़े गए तो अनिवार्य रूप से एक वर्ष की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई थी फटकार
गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नीतीश सरकार को फटकार भी लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों में शराब के मामलों, विशेष रूप से जमानत से संबंधित मामलों को लेकर राज्य को फटकार लगाई। आलोचनाओं का सामना करने के बाद, राज्य सरकार ने इस नए संशोधन को लागू किया और जुर्माने की राशि को कम कर दिया ताकि बिहार में कानूनी व्यवस्था शराब के मामलों से अधिक न हो।
शराबबंदी कानून में प्रमुख बदलाव
- अब शराब पीते पकड़े गए तो एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के पास से जमानत
- बार-बार अपराध पर अतिरिक्त जुर्माना या जेल या दोनों
- शराब बरादमगी वाले स्थल को एएसआई भी सील कर सकेंगे
- जब्त वाहन जुर्माना देकर छूट सकेंगे, डीएम को मिला अधिकार
- बरामदगी स्थल पर ही नष्ट हो सकेगी जब्त शराब