नालंदा जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र के गोवाचक गांव में आंगनबाड़ी सहायिका की तेजाब से जलाकर हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान स्वर्गीय बालदेव दास की 60 वर्षीय पत्नी कलवा देवी के रूप में हुई है।
मृतका के पुत्र विनोद रविदास ने बताया कि उनकी मां पिछले करीब दस वर्षों से गांव में अकेली रहती थीं। विनोद ने कहा कि 30 जून को मां से आखिरी बार बात हुई थी, इसके बाद 1 जुलाई को जब उन्होंने फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। मंगलवार शाम को चचेरे भाई चंदन को घर जाकर देखने के लिए कहा गया। जब चंदन घर पहुंचा तो कलवा देवी घर के दरवाजे के पास मुंह के बल गिरी हुई थीं। उनका चेहरा बुरी तरह जला हुआ था और बायां हाथ टूटा हुआ था, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।
वहीं मृतका की बेटी जानकी कुमारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मां की हत्या आंगनबाड़ी की सेविका के परिवार ने की है। उन्होंने बताया कि सोमवार को आंगनबाड़ी में सेविका से कलवा देवी का झगड़ा हुआ था। आरोप है कि सेविका का परिवार चाहता था कि कलवा देवी सहायिका पद से हट जाएं ताकि वह अपनी बहू को यह पद दिला सके। इसके अलावा घर के पास जमीन को लेकर भी विवाद चलता था। कलवा देवी के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है और वे अपने-अपने परिवारों के साथ रहते हैं। बेटा काम के सिलसिले में बाहर रहता है, जबकि बेटियां ससुराल में रहती हैं।
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घटना की सूचना मिलने पर सरमेरा थाना अध्यक्ष साकेंद्र कुमार बिंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेजा गया है। मौके पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है ताकि साक्ष्य संकलित किए जा सकें। पुलिस ने बताया कि मृतका के परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और मामले की गहन जांच जारी है। फिलहाल गांव में इस सनसनीखेज हत्या से दहशत का माहौल है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।