प्राकृतिक कोप ने 10 अप्रैल को नालंदा में भारी तबाही मचा दी थी। जिले के अलग-अलग इलाकों में करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत आंधी पानी की वजह से पेड़ के नीचे तो कहीं दीवार से दबकर हो गई थी। इस तबाही के 13 दिन बाद इलाज के क्रम में एक और व्यक्ति की मौत हो गई है। मामला थरथरी थाना क्षेत्र के पलटू बीघा गांव का है। मृतक की पहचान पलटू बीघा गांव निवासी स्वर्गीय सरयुग यादव के (39) वर्षीय पुत्र प्रमोद कुमार के रूप में की गई है।
घटना के संबंध में परिजन ने बताया कि 10 अप्रैल को करीब साढ़े तीन बजे मन्दिर में अखंड कीर्तन करने के लिए प्रमोद जा रहा था। इसी बीच अचानक तेज आंधी आई, तभी पेड़ से टूटकर एक टहनी आई और प्रमोद के गर्दन के पास आ लगी, जिसके कारण युवक गम्भीर रूप से जख्मी हो गया और पूरा शरीर सुन्न पड़ गया।
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आसपास के लोगों की जैसे ही नजर पड़ी तो इलाज के लिए नूरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज और फिर एम्स रेफर कर दिया गया। वहीं, निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 13वें दिन यानी बुधबार की रात में मौत हो गई।
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वहीं, इस मामले में थरथरी थाना अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा ने बताया कि उन्हें बुधवार की रात हादसे की जानकारी हुई। इसके उपरांत पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है एवं अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है।