बिहार के नालंदा में एक पंचायत मुखिया का गांव की ही एक महिला के साथ अश्लील बातचीत करने के दर्जन भर से अधिक ऑडियो वायरल हो रहे हैं। जनप्रतिनिधि के इस व्यवहार से ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। यह मामला सिलाव प्रखंड के करियन्ना पंचायत के मुखिया राज कुमार रजक (55) से जुड़ा हुआ है। मुखिया की इस हरकत की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को मिली तो वे लोग गोलबंद हो गए और घर पर चढ़कर मुखिया को खूब खरी-खोटी सुनाई। इस घटना का भी एक वीडियो वायरल हो रहा है। मुखिया समेत चार लोगों की संलिप्तता इस पूरे मामले में सामने आ रही है। फिलहाल मुखिया और उसके सहयोगियों के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। हालांकि मुखिया ने इसे उन्हें फंसाए जाने की साजिश करार दिया है। साथ ही गांव की महिला से बात करने पर सफाई भी दी है।
महिला का वाट्सएप वॉइस चैट हुआ वायरल
जानकारी के मुताबिक, गांव के संतोष चौधरी की पत्नी द्वारा किए गए वाट्सएप वॉइस चैट के ऑडियो भी वायरल हो रहे हैं। उनमें वह बता रही है कि उसका घर बसाने के नाम पर मुखिया समेत गांव के चार लोगों की मंशा गलत थी। उन्हीं लोगों के कहने पर वह गांव आई थी। जहां उसके साथ मुखिया और उसके आदमियों ने गलत करने का भी प्रयास किया। हालांकि वह उनकी मंशा को भांप चुकी थी और अपने साथ गलत होने नहीं दिया। महिला ने पूर्व मुखिया के भतीजे कुंदन सिंह के नाम का भी जिक्र किया है। उसने कहा है कि मुखिया के कंधे पर बंदूक रखकर कुंदन चलाने का काम करता है। मुखिया अपनी मर्जी से बिना कुंदन के कहे कुछ नहीं करता है।
वायरल ऑडियो में महिला यह भी कह रही है कि वह अपनी चालाकी से खुद की इज्जत बचाने में कामयाब रही। ऐसे जन प्रतिनिधि को और उसके सहयोगियों का मुंह काला कर उसे गांव में घुमाया जाए। आधी रात में निकलने का मेरा मकसद यह रहा कि दिन में अगर घर से निकलते तो मुखिया और उसके आदमी घर बसाने का आश्वासन देते। हालांकि यह हो नहीं रहा था, इसलिए आधी रात को घर से निकल आई। महिला यह भी कह रही है कि जरूरत पड़ने पर वह गवाही देने भी आएगी। ऐसे जन प्रतिनिधि से गांव की अन्य महिलाओं को भी खतरा है।
महिला और मुखिया के बातचीत का अंश
महिला और मुखिया के बीच बातचीत के कई ऑडियो वायरल हुए, जिनमें दोनों ऑडियो कॉल के अलावा वीडियो कॉल पर भी बात किया करते थे। गांव आने पर मुखिया महिला से अपनी खिदमत की भी बात करता है। साथ ही वह यह भी कहता है कि वह उसका घर बसा देगा, इस मामले में उसके पति से भी बात हुई है और उसका पति भी राजी है। मगर इन सब कामों के लिए उसका भी ख्याल रखना होगा।
पति के साथ न रहने का किया था करार
जानकारी के अनुसार, संतोष चौधरी की शादी साल 2012 में हुई थी। इसके बाद कुछ दिन गांव में रहने के बाद दंपति गुजरात चले गए। बताया जा रहा है कि जहां उसके पति ने अपनी पत्नी को उसके बॉस के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। तब वह पत्नी को छोड़कर वापस गांव आ गया। पांच साल पूर्व महिला ने अपने पति के साथ न रहने की बात को लिखित रूप में देकर और दो बच्चों को पति के पास छोड़कर गुजरात चली गई थी।
मुखिया ने दी यह सफाई
करियन्ना पंचायत के मुखिया राज कुमार रजक ने बताया कि उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। महिला पिछले पांच-छह सालों से गांव में नहीं रह रही थी। उनसे महिला ने संपर्क कर घर बसाने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने गांव आने को कहा था और इसी सिलसिले में एक दो बार उससे बात की गई थी। कोई उनकी आवाज को कॉपी कर उन्हें इस तरह से ऑडियो बनाकर फंसाने का प्रयास कर रहा है।
वहीं, इस मामले में सिलाव थाना अध्यक्ष इरफान खान ने बताया कि महिला कुछ दिनों से फिर से पति के साथ रहने की बात कह रही थी। इस बीच गांव के मुखिया से उसका संपर्क हुआ। मुखिया ने भी एक बार उन्हें जानकारी दी थी कि महिला अपने पति के साथ रहना चाहती है। उसका घर बसा दिया जाए। जबकि, महिला खुद लिखित रूप में अपने पति को पांच साल पूर्व देकर गई थी कि वह उसके साथ नहीं रहना चाहती है। उस पर गांव के पंच के भी हस्ताक्षर हैं। फिलहाल किसी पक्ष द्वारा आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।