नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र अंतर्गत पुनहा गांव में शुक्रवार और शनिवार की मध्य रात्रि दो पक्षों के बीच मामूली विवाद को लेकर हिंसक झड़प हो गई। इस खूनी संघर्ष में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दोनों पक्षों से पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान अनिल चौधरी के 25 वर्षीय पुत्र रवि कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
भोज में हंसी-मजाक से शुरू हुआ था विवाद
गांव के निवासी अनिल चौधरी और वाल्मीकि चौधरी उर्फ धीरेंद्र चौधरी के बीच एक भोज के दौरान हंसी-मजाक हुआ था। देखते ही देखते यह मजाक व्यक्तिगत विवाद में बदल गया और देर रात इसने हिंसक रूप ले लिया। मृतक के दिव्यांग पिता अनिल चौधरी ने आरोप लगाया कि वाल्मीकि चौधरी ने नशे की हालत में करीब एक दर्जन लोगों के साथ उनके घर पर धावा बोल दिया और लाठी-डंडों व हथियारों से पूरे परिवार पर हमला कर दिया।
हमले में पूरा परिवार हुआ लहूलुहान
इस हमले में अनिल चौधरी का पूरा परिवार गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घायलों में अनिल चौधरी की पत्नी गौरी देवी (45 वर्ष), पुत्री काजल कुमारी (17 वर्ष), भाई दामोदर चौधरी (55 वर्ष) और उनके दो पुत्र सन्नी कुमार (21 वर्ष) व रवि कुमार (25 वर्ष) शामिल हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से वाल्मीकि चौधरी उर्फ धीरेंद्र चौधरी (48 वर्ष) भी घायल हुआ है।
इलाज के दौरान रवि कुमार की मौत
सूचना मिलते ही रहुई थाना पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने सभी घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल बिहारशरीफ पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने रवि Kumar को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे पुत्र सन्नी कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (VIMS) रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था रवि
अस्पताल परिसर में मृतक के दिव्यांग पिता अनिल चौधरी का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि वह खुद दिव्यांग हैं और रवि ही पूरे परिवार का सहारा था। वही घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। हाल ही में उसकी शादी तय हुई थी और घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 11 आरोपी हिरासत में
घटना के संबंध में रहुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले को अपने नियंत्रण में ले लिया है। मृतक के पिता के फर्द बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में कुल 14 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है, जिनमें से 11 आरोपियों को पुलिस ने छापेमारी कर हिरासत में ले लिया है।
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एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल को सील कर दिया गया है। साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) टीम को बुलाकर घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कराया गया है। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है और एहतियातन पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस बाकी बचे तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।