कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
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बिहार के नालंदा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के फाइनल ईयर में पढ़ रहे एक छात्र की कोरोना से मौत हो गई। हालांकि फरवरी के पहले हफ्ते में ही छात्र ने कोरोना की वैक्सीन ली थी, शुभेंदु सुमन को अभी कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं दी गई थी।
छात्र की मौत पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का बयान आया है। उन्होंने कहा कि छात्र की मौत की खबर सुनकर दुखी हूं। कोरोना को रोकने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि छात्र की मौत के बाद कुछ और डॉक्टर भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
बता दें कि छात्र की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज के सभी छात्रों का आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जा रहा है। शुभेंदु सुमन ने फरवरी के पहले हफ्ते में वैक्सीन ली थी लेकिन 25 फरवरी को वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। कोरोना संक्रमित होने के बाद वो अपने घर बेगूसराय चले गए थे और 27 फरवरी को एक स्थानीय अस्पताल में उन्हें भर्ती किया गया था।
हालांकि इलाज के दौरान ही सोमवार की शाम को शुभेंदु का निधन हो गया। इस अस्पताल में अब तक 15 छात्र कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर छात्रों ने कुछ दिन पहले ही कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली थी। बता दें कि देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण का अभियान 16 जनवरी से शुरू हो गया था।
पहले चरण के तहत हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइव वर्कर्स को कोरोना वैक्सीन लगाई गई थी, जबकि एक मार्च से कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव का दूसरा चरण शुरू हो गया है, इस चरण के तहत 60 साल से ज्यादा उम्र और 45 साल से ज्यादा उम्र के उन लोगों को वैक्सीन दी जा रही है, जिन्हें पहले से कोई बीमारी है।
दूसरे चरण के तहत अब तक कई नेता, सेलिब्रिटी और बिजनेसमैन टीका लगवा चुके हैं। हालांकि आम लोगों को टीका लगवाने के लिए कोविन एप या आरोग्य सेतु एप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।