बिहार के भोजपुर जिले में लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव में ड्यूटी लगते ही कई कर्मचारी बीमार होने लगे हैं। जिले में अब तक चार सौ से ज्यादा चुनाव के लिए चयनित पदाधिकारी और कर्मचारी बीमार हो गए हैं। वे अपनी बीमारी का हवाला देकर चुनाव में शामिल नहीं होना चाहते हैं। ऐसे में आवेदन कार्मिक कोषांग में जमा होने के बाद हड़कंप मच गया है। इसके बाद कार्मिक कोषांग के पदाधिकारी द्वारा आवेदन की रिपोर्ट जिलाधिकारी महेंद्र कुमार को भेजी गई है।
इसको लेकर जिलाधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि जितने भी आवेदन चुनाव में चयनित कर्मियों ने दिया है, उनके लिए विशेष मेडिकल कैंप लगाया जाएगा। उसमें पांच डॉक्टरों की टीम सभी आवेदन देने वाले कर्मियों की जांच करेगी। उन्होंने बताया कि आरा नागरी प्रचारिणी सभागार में सभी कर्मियों की जांच होगी। सभी बीमार लोगों की जांच के लिए जिला मुख्यालय स्थित नागरी प्रचारिणी सभागार में तीन दिन का विशेष कैंप लगाए जाने का निर्देश दिया गया है। 28 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक सभी बीमार कर्मियों की विशेष डॉक्टरों की टीम जांच करेगी।
जानकारी के मुताबिक, कुछ ऐसे में कर्मचारियों के आवेदन आए हैं जिनमें उनके दिव्यांग होने की बात कही गई है। लेकिन अब आवेदन दिया गया है, जिसमें उन कर्मियों ने अब खुद को दिव्यांग बताया है। वहीं, इस जांच के दौरान अगर कोई कर्मी सही में बीमार पाए जाते हैं तो उन्हें चुनाव ड्यूटी से हटाया जाएगा या रिजर्व में रखा जाएगा।
वहीं, कार्मिक कोषांग से मिली जानकारी के मुताबिक चुनाव के लिए 20 हजार से ज्यादा कर्मियों का चयन हुआ है। उनमें से 11,500 कर्मियों का चुनाव में रहना अनिवार्य है। साथ ही लगभग 6,000 महिला कर्मी हैं, जिन्हें जहां महिलाओं की संख्या ज्यादा रहेगी वहां ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।
अगिआंव विधानसभा उपचुनाव के लिए कार्मिक कोषांग द्वारा बताया गया कि कर्मचारी खुद को कार्य चुनाव से अलग करने का आवेदन जमा कर चुके हैं। कोई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी पत्नी और मां की गंभीर बीमारी होने का हवाला देते हुए चुनाव कार्य से अलग करने का आवेदन दिया है। अब चिकित्सकों की जांच के बाद ही पूरा मामला साफ होगा। डीएम महेंद्र कुमार ने बताया कि अगर कोई कार्मिक झूठा आवेदन देकर चुनाव में काम नहीं करना चाहता है तो वैसे कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।