LPG Gas Booking : गैस एजेंसी के मालिक ने कल कहा कि डिप्टी सीएम के आदमी 15 सिलिंडर लेने आए, उन्हें भी चार मिला। आज उसी एजेंसी के मैनेजर ने कहा कि उन्हें वेंडर ने गलत जानकारी दे दी थी। ऐसी बात नहीं है। जानिए पूरा मामला।
देशभर में गैस सिलिंडर हासिल करने की होड़ के बीच आम जनता को हो रही परेशानियों की खबर करते हुए गुरुवार को 'अमर उजाला' की टीम एक ऐसी एजेंसी के मालिक तक पहुंची तो उन्होंने कहा कि "गोदाम खाली है, देख लीजिए। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आदमी भी आए थे। अफसर भी साथ थे। 15 सिलिंडर मांग रहे थे। अंदर गए तो चार ही मिला उन्हें भी।" अब जब हंगामा बढ़ा तो एजेंसी के मैनेजर ने सामने आकर कहा है कि "वेंडर ने मालिक को गलत जानकारी दी थी। ऐसा कुछ नहीं हुआ था।"
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भाजपा कह रही विपक्ष की साजिश, विपक्ष को पता भी नहीं था
भाजपा ने इस खबर को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा कि यह विपक्ष की साजिश है, लेकिन हकीकत यह है कि आम लोगों को कतार में सुबह से शाम तक खड़े देख 'अमर उजाला' रिपोर्टर को घूमते-देखते और सवाल पूछते-पूछते यह वीडियो बयान मिला था।सवाल सीधा था कि गैस क्यों नहीं मिल रहा, जबकि एलपीजी कंपनी कह रही है कि पर्याप्त उपलब्धता है, संकट नहीं। इसी के जवाब में गैस एजेंसी मालिक सोनल कुमार ने ऑन कैमरा कहा था कि "गोदाम खाली है। सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध हो तो देने में परेशानी नहीं। परेशानी है, इसलिए तो डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के लिए 15 सिलिंडर लेने आए लोगों को भी हमने यही बताया था। अधिकारियों के कहने पर हमने गोदाम की चाबी दी तो चार सिलिंडर ही मिले। वह लोग सारे सिलिंडर ले गए।" शुक्रवार को विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया, जिसके बाद भाजपा की ओर से भी पक्ष रखा गया।
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सम्राट चौधरी के आप्त सचिव और एजेंसी मैनेजर का बयान आया
खबर और वीडियो वायरल होने के बाद सम्राट चौधरी के आप्त सचिव शैलेंद्र कुमार ओझा ने लिखित जानकारी दी कि उपमुख्यमंत्री कार्यालय से गैस एजेंसी के गोदाम से एलपीजी सिलिंडर नहीं मंगवाया गया था। यह निराधार है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत किसी भी कर्मी ने किसी भी गैस एजेंसी से एलपीजी सिलेंडर नहीं मंगवाया है। इस मामले की जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके और अफवाह फैलाने वालों की पहचान हो सके। इसके कुछ घंटे बाद एजेंसी के मैनेजर ने सामने आकर कहा कि "वेंडर ने मालिक को गलत सूचना दी थी, ऐसी कोई बात नहीं है। मैनेजर ने अपने ही मालिक की बात का खंडन किया है।"