लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार को बिहार की राजधानी और लोकसभा क्षेत्र पटना पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाताओं के मुद्दे जाने गए। वहीं, अब दोपहर में युवाओं से चर्चा में उनके मुद्दों और समस्याओं पर बात की जा रही है।
पटना में नाला रोड स्थित कदमकुआं छात्रावास के पास अमर उजाला से बात करते हुए सौम्या ने कहा कि वे जमुई की रहने वाली हैं और पटना में रहकर पढ़ाई करती हैं। उन्होंने बताया कि जमुई में अच्छे साधन न होने से पढ़ाई में काफी परेशानी आती है। इसलिए उन्हें अच्छा एजुकेशन सिस्टम और अच्छी कोचिंग की सुविधा को देखते हुए पटना आना पड़ा। सौम्या ने बताया कि वह बीपीएससी की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने पेपरलीक के मुद्दे को लेकर कहा कि हमारा काम तैयारी करके परीक्षा देना है, लेकिन परीक्षा अच्छे से आयोजित करना सरकार का काम है। हम तो नेताओं को वोट दे देते हैं, लेकिन वे वोट लेकर हमारा भरोसा हर बार तोड़ देते हैं।
उन्होंने बताया कि अभी हमारे वोट देने का मुद्दा सिर्फ रोजगार है और वही हमेशा पेपरलीक से खत्म हो जाता है। अब इस सरकार पर भरोसा करें या उस पर करें, दोनों का तो काम है पेपरलीक कर देना। जहां पर हमें सपोर्ट करना चाहिए वहीं पर वे लोग हमें छोड़ देते हैं। इसलिए किसे चुने इसे लेकर दुविधा पैदा हो जाती है। एक बोलता है कि हमें वोट दो, हम सब कुछ करेंगे। वहीं, दूसरा कहता है कि हमको वोट दो हम सब कुछ करेंगे, लेकिन जब वोट मिल जाता है तो कहां कुछ होता है। पेपरलीक ही होता है। हमारा काम है मेहनत करना, लेकिन उनका काम है हमारी मेहनत को देखना। लेकिन वो तो होता नहीं है न। उन्होंने कहा कि सबसे पहले भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए। हर चीज में भ्रष्टाचार है। अगर शिक्षा में भ्रष्टाचार रहेगा तो कैसे चलेगा। कोई भी देश या राज्य हो, बिना शिक्षा के कैसे चलेगा।
वहीं, कपिलेश कुमार ने कहा कि युवाओं का पहला मुद्दा रोजगार है। जो सरकार हमको रोजगार देगी उसके पक्ष में हम वोट करेंगे। अभी तक रोजगार के मुद्दे पर बात करते हुए दूर-दूर तक कोई नेता दिखाई नहीं दिया है। ग्रुप डी की नौकरी की बात नहीं हो रही, एनटीपीसी की बहालियां भी बहुत कम हो गईं। क्या हम ऐसे में आशा करेंगे। दिन रात मेहनत करके जब चिट देखते हैं न हम लोग तो सोच में पड़ जाते हैं।