राबड़ी आवास से छोटे-छोटे सामान जा रहे दो अलग जगहों पर।
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राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव बड़ी बेटी मीसा भारती के पास दिल्ली में रहकर आंखों का इलाज करा रहे हैं। उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव विदेश घूम रहे हैं। तेजस्वी यादव उस समय विदेश घूमने निकले, जब उनकी मां राबड़ी देवी को आवंटित 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली कराने के लिए बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने नोटिस जारी किया था। 10 सर्कुलर रोड लालू परिवार के आवास के रूप में जाना जाता है। लालू परिवार परेशानी में है, यह साफ दिख रहा है। तभी तो जिस आवास को खाली नहीं करने की जिद ठाने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बड़ा बयान दिया था, वहां से उनका छोटा-छोटा सामान रात के अंधेरे में बाहर निकल रहा है।
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10 सर्कुलर रोड ही परिवार की पहचान
एक महीने के अंदर
मकान खाली करने का नोटिस 25 नवंबर को जारी हुआ था। 25 दिसंबर की रात इसकी औपचारिकता की गई। रातोंरात। लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की पहचान के रूप में पटना के 10 सर्कुलर रोड को लोग जानते हैं। पूरे बिहार से आने वाले लालू समर्थक सीधे इसी आवास पहुंचते हैं। विपक्ष के नेता के रूप में तेजस्वी यादव को दूसर आवास आवंटित है। बड़े बेटे तेज प्रताप जब तक विधायक थे, उनहें सरकारी आवास अलग आवंटित था। इसके बावजूद परिवार के जुटान के लिए और सामूहिक आयोजनों के लिए अरसे से 10 सर्कुलर रोड ही लालू-राबड़ी आवास के रूप में पहचाना जाता रहा है। राबड़ी देवी को विधान परिषद् सदस्य के रूप में यह आवास आवंटित था। नई सरकार ने ज्यादातर विधायकों और विधान पार्षदों को नया आवास आवंटित किया है। इसी के तहत राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड पर बंगला आवंटित किया गया है। राबड़ी देवी ने नए आवास आवंटन को पहचान छीनने की साजिश बताते हुए 10 सर्कुलर रोड खाली नहीं करने का एलान किया था।
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ऐश्वर्या-रोहिणी इसी आवास से निकाली गई थीं
यह आवास पिछले 10 वर्षों में दो बार नकारात्मक कारणों से भी सुर्खियों में रहा था। इसी आवास से लालू प्रसाद यादव की
बड़ी बहू ऐश्वर्या राय रोती हुईं बाहर की गई थीं। तेज प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय ने तब सास राबड़ी देवी समेत परिवार के कई सदस्यों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उसके बाद, इस विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद यह आवास तब सुर्खियों में आवास था, जब लालू को किडनी देकर जीवनदान देने वाली बेटी
रोहिणी आचार्य ने यह घर छोड़ा। उन्होंने भाई तेजस्वी यादव पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था।
...तो क्या नए पते पर मिलेंगे लालू प्रसाद यादव?
अभी यह कहना मुश्किल है। भवन निर्माण विभाग का नोटिस था, इसलिए 25 दिसंबर को औपचारिकता के लिए गमले और बेकार कुछ सामान निकाले गए। असल सामान सब अभी अंदर है। यह सामान ठीक उसी तरह निकाले गए, जब एक समय साधु यादव को आवंटित बंगला खाली कराने के लिए नोटिस मिला था तो पूरे दिन मीडिया के लाइव कवरेज के बाद रात में कुछ सामान निकाले और फिर वापस किए गए थे। गुरुवार की रात राबड़ी आवास को खाली कराने की कागजी प्रक्रिया दिखाने के लिए छोटी गाड़ियों से कुछ सामान निकला है। अभी भी इस आवास को कायम रखने की कोशिशें लालू यादव के स्तर से जारी हैं। दलील दी जा रही है कि
महुआबाग में निर्माणाधीन स्थायी मकान बनते ही सीधे वहीं शिफ्ट हो जाएगा पूरा परिवार। यही कारण है कि कुछ सामान को महुआबाग और कुछ को आर्य समाज रोड स्थित गाय-भैंस के एक खटाल में भेजे जाने की जानकारी दी गई।