Bihar Election: बिहार के सियासी गलियारे में आज लालू परिवार सुर्खियों में है। कारण है कि रोहिणी आचार्य और तेज प्रताप यादव। पिछले दो दिनों से नाराज चल रहीं रोहिणी के समर्थन में तेज प्रताप यादव उतर चुके हैं। उन्होंने रोहिणी के समर्थन में जो बात कही वह चर्चा में है...
लालू परिवार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की ओर से पिछले दो दिनो में किए गए सोशल मीडिया से साफ हो गया। अब रोहिणी को उनके बड़े भाई व पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव का साथ मिल चुका है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि रोहिणी आचार्य ने अपने माता-पिता के लिए जो बलिदान दिया है, वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। तेज प्रताप ने यहां तक कह दिया कि अगर उनकी बहन पर किसी ने उंगली उठाई तो उनका “सुदर्शन चक्र” चलेगा।
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रोहिणी की X अकाउंट को प्राइवेट किया
इधर, अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से नाराज रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने अकाउंट को प्राइवेट कर लिया है। फिलहाल उनका अकांउट भी सर्च नहीं हो पा रहा है। वहीं फेसबुक पर उनका अकाउंट प्रोफेसनल मोड में अब नहीं रहा है। हालांकि, ब्लूटिक अभी भी बरकरार है। इधर, सोशल मीडिया पर रोहिणी आचार्य के समर्थक ने दावा किया कि रोहिणी ने अपने परिवार के सभी सदस्यों को अनफॉलो कर दिया है।
जानिए, रोहिणी ने क्या-क्या पोस्ट लिखा पिछले दो दिनों में...
18 सितंबर को रोहिणी आचार्य ने कहा था कि वह लालू-तेजस्वी की जगह लेने की कोशिश करने वालों को देखना पसंद नहीं करती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर आलोक कुमार के पोस्ट को शेयर किया था। इसके बाद संजय यादव के खिलाफ लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी है। रोहिणी आचार्य ने जो शेयर किया है, उसमें लिखा है कि- "फ्रंट सीट सदैव शीर्ष के नेता - नेतृत्वकर्त्ता के लिए चिन्हित होती है और उनकी अनुपस्थिति में भी किसी को उस सीट पर नहीं बैठना चाहिए .. वैसे अगर "कोई" अपने आप को शीर्ष नेतृत्व से भी ऊपर समझ रहा है, तो अलग बात है।
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19 सितंबर को रोहिणी आचार्य ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को जीवनदान देने वाला फोटो-वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि "जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने का जज्बा रखते हैं, बेखौफी-बेबाकी-खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है.."। इधर, इस पोस्ट के कुछ ही घंटे बाद रोहिणी ने एक और पोस्ट किया। उसमें उन्होंने लिखा कि "मैंने एक बेटी व बहन के तौर पर अपना कर्त्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूंगी। मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। मेरे लिए मेरा आत्म-सम्मान सर्वोपरि है।" रोहिणी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुए।