प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिखाते हुए हार्दिक प्रकाश तथा अन्य लोग
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किशनगंज के नौ वर्षीय शतरंज प्रतिभा हार्दिक प्रकाश ने एक बड़ा कीर्तिमान रचा है। उन्होंने पटना में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में 1504 की फिडे रेटिंग हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ वह सबसे कम उम्र के रेटेड शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं। बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा चार के छात्र हार्दिक की इस सफलता पर पूरे जिले में गर्व और खुशी की लहर है।
नेपाल, श्रीलंका और भारत के कई राज्यों के खिलाड़ियों को दी मात
पटना में आयोजित इस प्रतियोगिता में नेपाल, श्रीलंका और भारत के विभिन्न राज्यों से कुल 344 खिलाड़ियों ने भाग लिया। हार्दिक ने अपने शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए 1461 रेटिंग वाले पार्थव और 1537 रेटिंग वाले सुमित कुमार को हराया। वहीं, 1483 रेटिंग के अनुभवी खिलाड़ी मनीष त्रिवेदी के साथ उनका मुकाबला ड्रॉ रहा। इतनी कम उम्र में इस स्तर का प्रदर्शन कर उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।
चेस क्रॉप्स और जिला शतरंज संघ के प्रशिक्षण का परिणाम
जिला शतरंज संघ के मानद महासचिव शंकर नारायण दत्ता और चेस क्रॉप्स के प्रमुख कमल कर्मकार ने हार्दिक की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह चेस क्रॉप्स के सतत प्रशिक्षण और हार्दिक की मेहनत का परिणाम है। हार्दिक के पिता मयंक प्रकाश, जो कि पेशे से पत्रकार हैं, ने भी अपने बेटे की इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया।
कोच और गणमान्य लोगों ने दी बधाई
हार्दिक की इस शानदार सफलता पर उनके कोच रोहन कुमार ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके अलावा, शतरंज संघ के उपाध्यक्ष कमल मित्तल, उदय शंकर दुबे, डॉक्टर एम. आलम और डॉक्टर नुसरत जहां समेत कई गणमान्य लोगों ने भी हार्दिक को शुभकामनाएं दीं।
भविष्य के लिए नए लक्ष्य
अब हार्दिक का अगला लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और भी ऊंची रैंकिंग हासिल करना है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल किशनगंज बल्कि पूरे बिहार को गर्व का एहसास कराया है। हार्दिक की इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि अगर जुनून और कड़ी मेहनत हो, तो उम्र सिर्फ एक संख्या मात्र होती है।