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Bihar News : जूनियर बच्चों ने क्यों किया सीनियर छात्र का अपहरण? यह है पूरी कहानी का सच; एक्सपर्ट ने भी माना

Sat, 04 Jul 2026 05:00 AM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : अचानक भगदड़ जैसी स्थिति हो गई थी। विद्यालय के गेट पर खड़े अभिभावकों को लगा कि बच्चे आपस में मजाक कर रहे हैं, लेकिन यह मजाक नहीं बल्कि अपहरण था। अब इस मामले में पांच छात्रों को पुलिस ने आरोपी बनाया है। 
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संत माइकल हाई स्कूल, पटना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार की राजधानी पटना के प्रतिष्ठित संत माइकल हाई स्कूल के सीनियर-जूनियर के विवाद में 11वीं के एक छात्र का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया गया। इस दुस्साहसिक घटना को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसी स्कूल का 10वीं के पांच छात्र थे। आरोपी छात्र ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को जबरन गाड़ी में बैठाया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। फिर उसे वापस स्कूल के पास ही छोड़कर फरार हो गए। घटना दीघा थाना क्षेत्र की है। घटना के संबंध में पीड़ित छात्र के बयान पर दीघा थाने में  मुख्य आरोपी सहित तीन नाबालिग छात्रों को नामजद और दो अज्ञात छात्रों के खिलाफ अपहरण व मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की सघनता से जाँच कर रही है।

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सर्टिफिकेट लेकर निकलते ही गेट से उठाया
घटना के संबंध में पुलिस का कहना है कि पीड़ित छात्र न्यू बाइपास इलाके का रहने वाला है और उसने हाल ही में संत माइकल हाई स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की थी। गुरुवार को वह स्कूल से अपना माइग्रेशन सर्टिफिकेट (प्रवजन प्रमाणपत्र) लेने आया था। दोपहर करीब डेढ़ बजे जैसे ही वह सर्टिफिकेट लेकर स्कूल के मुख्य गेट से बाहर निकला, पहले से घात लगाए बैठे 10वीं के छात्र और उसके दो दोस्तों ने उसे दबोच लिया। आरोपी उसे जबरन एक गाड़ी में बैठाकर अज्ञात दिशा की ओर ले गए।

 चलती गाड़ी में बेरहमी से पीटा
दीघा थाना प्रभारी अवनीश कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला छात्रों के बीच आपसी वर्चस्व और पुरानी रंजिश का लग रहा है। कुछ दिन पहले भी स्कूल परिसर में इन दोनों के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हुई थी। इसी का बदला लेने के लिए 10वीं के छात्र ने अपहरण की यह साजिश रची। अपहरण के बाद आरोपी छात्र को गाड़ी में ही बंधक बनाकर पीटते रहे। करीब डेढ़ घंटे तक प्रताड़ित करने के बाद, दोपहर 3 बजे आरोपी उसे वापस स्कूल के पास ही सड़क पर छोड़कर भाग निकले।
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डेढ़ घंटे तक अलर्ट पर रही पुलिस
छात्र के अपहरण की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। दरअसल, घटना के तुरंत बाद पीड़ित के एक दोस्त ने उसके पिता को फोन पर घटना की जानकारी दी थी। बेटे के अगवा होने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया और परिजन आनन-फानन में दीघा थाने पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता और वीआईपी इलाका होने के कारण पुलिस ने बिना वक्त गंवाए वायरलेस पर पूरे जिले में मैसेज फ्लैश कर दिया। दीघा सहित आसपास के थानों को अलर्ट कर दिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस की टीमें शहर का कोना-कोना छानती रहीं, तभी सूचना मिली कि आरोपी छात्र को स्कूल के पास ही छोड़कर फरार हो गए।


 

क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक डॉ वृंदा सिंह। - फोटो : अमर उजाला
क्या कहती हैं क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक डॉ. बिंदा सिंह
इस सन्दर्भ में बिहार की एक अत्यंत प्रसिद्ध और अनुभवी क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक डॉ. बिंदा सिंह कहती हैं कि घर में पहले बच्चों में डर नाम की चीज भी हुआ करती थी, जो अब नहीं है। चाहे स्कूल में या फिर स्कूल से बाहर हों, बच्चे अब न तो बड़ों की इज्जत करते हैं और न किसी से डरते हैं। इसका कारण यह है कि बच्चे बड़े बुजुर्ग के पास बैठने के बजाय मोबाइल और इंटरनेट के पीछे लगे रहते हैं। हिंसात्मक फ़िल्में या फिर उस तरह के गेम और वीडियो देखने से बच्चों की सभ्य प्रवृति हिंसात्मक हो गई है। यही कारण है बच्चे इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने में आगे रह रहे हैं। उनको तो पता ही नहीं है कि वह किस तरह का गुनाह कर रहे हैं।

क्यों गलत रास्तों पर जा रहे हैं बच्चे?
क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक डॉ. बिंदा सिंह कहती हैं कि इस तरह की घटना के पीछे एक और वजह है कि आजकल के बच्चे नशा या फिर सिगरेट का सेवन करने लगे हैं। ऐसा करने से उनमें उत्तेजना बढ़ती है।  डॉ वृंदा सिंह यह भी कहती हैं कि हालांकि यह सभी बातें सभी बच्चों में नहीं पाई जाती हैं। इसके पीछे का कारण माता-पिता और उनका परवरिश भी शामिल है। बच्चे माता-पिता में ही अपनी भी तस्वीर देखते हैं। 

क्या करना चाहिए?
इस सन्दर्भ में क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक डॉ. बिंदा सिंह कहती हैं कि बच्चों में ऐसा भाव न आए इसकी जिम्मेदारी माता-पिता पर भी हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों से नजदीकी बढ़ानी चाहिए। डॉ वृंदा सिंह ने कहा कि हो न हो यह मामला किसी लड़की को लेकर भी हो सकता है, इसके लिए पुलिसिया जांच पूरी होने दीजिए। 
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दीघा थाना - फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस 
थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि पीड़ित छात्र सुरक्षित है और उसके बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है। स्कूल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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