बिहार के प्रशासनिक तंत्र को गुणवत्ता और पारदर्शिता के नए मानकों पर स्थापित करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन ISO 9001:2015 प्राप्त हुआ है। सोमवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विभाग ने अपनी प्रमुख उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि सामान्य प्रशासन विभाग और बिहार लोक सेवा अधिकार प्राधिकरण (बिपार्ड) को 21 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से तीन वर्षों के लिए यह प्रमाणन प्रदान किया गया है। यह प्रमाणन विभाग की कार्यप्रणाली, सेवा वितरण प्रणाली और शिकायत निवारण व्यवस्था की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है।
51 करोड़ से अधिक आवेदनों का निष्पादन
गांवों तक पहुंचीं ई-सेवाएं
जुलाई 2025 से पंचायत सरकार भवनों और पंचायत भवनों में संचालित लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 64 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे ग्रामीण नागरिकों को प्रखंड, अनुमंडल या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
शिकायत निवारण प्रणाली हुई और सशक्त
मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को स्वीकृति
अधिसूचना संख्या 17373 (15 सितंबर 2025) के तहत मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत 121 विषय विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कार्य का अवसर दिया जाएगा। इस योजना के लिए बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और आईआईएम बोधगया के बीच एमओयू भी हो चुका है।
रोजगार सृजन में बड़ी उपलब्धि
1 अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक सरकारी क्षेत्र में 9,84,141 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसमें 7,95,832 नियमित नियुक्तियां, 1,17,784 संविदा नियोजन और 70,525 बाह्य स्रोत से नियुक्त कर्मी शामिल हैं। वर्ष 2025-26 में नौकरी और रोजगार के लिए 1,50,561 पदों की अधियाचना विभिन्न आयोगों को भेजी गई है।
मानव संसाधन और संपत्ति प्रबंधन हुआ डिजिटल
HRMS के तहत 2.72 लाख सेवा अभिलेखों का डिजिटलीकरण, 1.23 करोड़ पृष्ठों की स्कैनिंग और 48 विभागों के लगभग 8 लाख कर्मियों का सेवा-वेतन प्रबंधन किया जा रहा है। राज्य सरकार के समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों की चल-अचल संपत्ति का विवरण नियमित रूप से विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।
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हेल्पलाइन से लाखों लोगों को राहत
वर्ष 2010 से संचालित ‘जिज्ञासा’ केंद्रीय हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 14403) के माध्यम से 7.92 लाख से अधिक नागरिकों को जानकारी दी गई। वहीं 2016 में शुरू समाधान कॉल सेंटर (टोल फ्री नंबर 1800-345-6284) के जरिए 12.35 लाख से अधिक शिकायतों का पंजीकरण और समाधान किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
सरकार की अधिसूचना के तहत गया का नाम बदलकर ‘गयाजी’ किया गया। बिहार सरकारी परिवीक्षा अवधि नियमावली-2024 का मास्टर सर्कुलर जारी किया गया। इसके साथ ही सचिवालय कार्यों के लिए SOP का निर्धारण, पत्रों की पावती संबंधी परिपत्र, तथा विभाग की सभी शाखाओं का मास्टर सर्कुलर और रेडी रेकनर विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है।