Ishan Kishan Century : इस शतक का इंतजार सिर्फ ईशान किशन को ही नहीं, उनके पिता को भी था। बेटे की सेंचुरी पर खुशी जताते हुए 'अमर उजाला' से बातचीत में ईशान के पिता प्रणव पांडेय ने कहा कि अब शायद टीम इंडिया के चयनकर्ताओं की नजर-ए-इनायत हो।
झारखंड के कप्तान और पटना निवासी ईशान किशन एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। उन्होंने गुरुवार को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में शानदार शतक केवल 45 गेंदों में ही जड़ दिया। उनकी इस शानदार पारी से उनके परिवार में जश्न का माहौल है। उनके पिता ने स्पष्ट कहा कि यह साबित कर दिया कि अब चयनकर्ता भी उन पर गंभीरता से ध्यान देंगे। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन से परिवार में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
पुणे में खेले जा रहे फाइनल मुकाबले में ईशान किशन की इस पारी को लेकर उनके पिता प्रणय कुमार पांडे ने खुशी जाहिर की। 'अमर उजाला' से बातचीत में उन्होंने बताया कि मैच से पहले उनकी बेटे से बात हुई थी। उन्होंने ईशान का हौसला बढ़ाते हुए कहा था कि आज मैदान में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहेगा, और उन्हें इस बात का पूरा विश्वास था। ईशान के पिता ने कहा कि इस पारी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और चयनकर्ताओं को एक बार फिर ईशान किशन के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है।
गौरतलब है कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हरियाणा और झारखंड के बीच पुणे में खेला गया। पटना के रहने वाले ईशान किशन झारखंड टीम की कप्तानी कर रहे हैं। ईशान के परिजनों ने कहा कि उन्होंने इस मैच में शतक लगाकर यह साबित किया कि उनमें वही पुराना दमखम अब भी बरकरार है, जिसके लिए वे जाने जाते हैं। ईशान किशन ने हरियाणा के खिलाफ फाइनल मुकाबले में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस शतक के साथ ही वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के इतिहास में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में अभिषेक शर्मा की बराबरी कर ली है। अब दोनों बल्लेबाजों के नाम इस टूर्नामेंट में पांच-पांच शतक दर्ज हैं।