सार
आईआईटी पटना ने नई दिल्ली में आयोजित 12वें वाइब्रेंट इंडिया 2026 में इंजीनियरिंग, नवाचार और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता के लिए प्रथम पुरस्कार हासिल किया। एक महीने में यह संस्थान को मिला दूसरा राष्ट्रीय सम्मान है, जो छात्रों की तकनीकी प्रतिभा दर्शाता है।
पटना ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अकादमिक और तकनीकी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए नई दिल्ली में आयोजित 12वें वाइब्रेंट इंडिया 2026 में प्रथम पुरस्कार हासिल किया है। संस्थान को इंजीनियरिंग, नवाचार और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता की श्रेणी में यह सम्मान मिला। एक महीने के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान को मिला यह दूसरा बड़ा सम्मान है। इससे पहले आईआईटी पटना को सिल्वर श्रेणी में प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
वाइब्रेंट इंडिया 2026 में आईआईटी पटना की ओर से विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों के प्रतिभाशाली छात्रों की टीम ने हिस्सा लिया। पुरस्कार विजेता टीम में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के नक्षत्र कंचन, विभूति झा और हेमंत कुमार के साथ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के ऋषु कुमार सिंह शामिल थे। टीम ने अपने तकनीकी ज्ञान, नवाचार और सामूहिक प्रयासों के दम पर प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
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संस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले दल में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के युवा वानापल्ली भी शामिल थे। वह स्टूडेंट्स जिमखाना के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत हैं। छात्रों की तकनीकी दक्षता और टीम भावना ने इस प्रतिस्पर्धा में संस्थान को सर्वोच्च स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
वाइब्रेंट इंडिया युवा प्रतिभाओं, नवाचार और तकनीकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने वाले प्रमुख आयोजनों में शामिल है। इस आयोजन में आईआईटी पटना की उपलब्धि संस्थान में विकसित हो रहे तकनीकी कौशल और शोध आधारित शिक्षा को दर्शाती है।
लगातार मिल रही राष्ट्रीय स्तर की मान्यताएं आईआईटी पटना के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। इससे संस्थान में नवाचार, व्यावहारिक इंजीनियरिंग समाधान और तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रयासों को मजबूती मिली है। साथ ही, यह सफलता विद्यार्थियों को नई तकनीकों के विकास और भविष्य की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेगी।