भोजपुर पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 3 लाख 9 हजार 922 रुपये की ठगी के मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तकनीकी साक्ष्यों और मनी ट्रेल के आधार पर की गई।
भारी मात्रा में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 98 हजार रुपये नकदी, एक कार, 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक वाई-फाई राउटर, दो इलेक्ट्रॉनिक मशीन, एक एलसीडी, दो एटीएम कार्ड, एक आधार कार्ड, एक पर्स और ठगी की रकम निकालते समय पहनी गई शर्ट बरामद की है। बरामद सामान से यह स्पष्ट होता है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
पीड़ित की शिकायत से खुला ठगी का मामला
यह मामला 9 सितंबर 2025 का है, जब आरा नगर थाना क्षेत्र के अबरपुल निवासी सुबोध कुमार ने भोजपुर साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को निर्वाचन विभाग का अधिकारी बताते हुए बीएलओ से संबंधित कार्य की जानकारी मांगी और ओटीपी हासिल कर लिया।
ओटीपी के जरिए खाते से निकाली गई रकम
ओटीपी मिलने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में पीड़ित के बैंक खाते से कुल 3,09,922 रुपये की अवैध निकासी कर ली। पीड़ित को जब ठगी का एहसास हुआ, तब उसने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद भोजपुर साइबर थाना में सनहा दर्ज कर जांच शुरू की गई और बाद में कांड संख्या 54/25 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी स्नेह सेतु के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। जांच में मनी ट्रेल, केवाईसी और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया।
मोबाइल नंबर पोर्ट कर यूपीआई से निकासी का तरीका
जांच में सामने आया कि ठगों ने बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर पोर्ट कराए थे। इसके बाद यूपीआई के माध्यम से एटीएम से रकम निकाली जाती थी। डीएसपी ने बताया कि साइबर अपराधी बार-बार मोबाइल नंबर और आईएमईआई बदलते थे, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे।
पढ़ें- Crime: चाचा की गला रेतकर की हत्या, चाची बचाने पहुंची तो उसे भी काट डाला; भतीजे ने क्यों उठाया खौफनाक कदम?
नवादा से दो आरोपियों की गिरफ्तारी
तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर नवादा जिले से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उनकी पहचान विकास कुमार और विशाल कुमार के रूप में हुई, जो हिसुआ थाना क्षेत्र के मंझवे गांव के निवासी हैं।
पूछताछ में स्वीकार किया अपराध
गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि वे खुद को कृषि या निर्वाचन विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे और सिम पोर्ट कराकर ठगी की रकम निकालते थे। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश और नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।