दानापुर रेल मंडल के फतुहा स्टेशन पर साउथ बिहार एक्सप्रेस में बारातियों पर हुए हमले के मामले में रेल पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने मौजीपुर निवासी शंकर राय और उनके बेटे सोनू कुमार को छापेमारी कर पकड़ा।
दानापुर रेल मंडल के फतुहा स्टेशन पर 22 फरवरी को साउथ बिहार एक्सप्रेस में बारातियों पर हुए हमले के मामले में रेल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी पिता और पुत्र हैं।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नदी थाना क्षेत्र के मौजीपुर कृपाल टोला निवासी शंकर राय और उनके बेटे सोनू कुमार के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह आरपीएफ प्रभारी विनोद कुमार विश्वकर्मा और जीआरपी प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने नदी थाना पुलिस के सहयोग से उनके घर पर छापेमारी की और दोनों को पकड़ लिया। पुलिस अब इस घटना में शामिल दो से तीन अन्य अज्ञात बदमाशों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
ट्रेन में नवविवाहित जोड़े पर हमला
यह घटना बीते रविवार की है। गाड़ी संख्या 13287 साउथ बिहार एक्सप्रेस दुर्ग से पटना आ रही थी। ट्रेन के एच1 कोच में एक नवविवाहित जोड़ा सफर कर रहा था। उनके पास कीमती जेवरात थे। बारात की सुरक्षा में लगे राजीव नगर पटना निवासी निरंजन प्रियदर्शी ने बताया कि खुसरूपुर स्टेशन से ही कुछ बदमाश एच1 कोच का दरवाजा पीटने लगे थे।
सुबह 11 बजकर 08 मिनट पर जब ट्रेन फतुहा के प्लेटफॉर्म संख्या 5 पर रुकी, तब बदमाशों ने नीचे से पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद वे कोच में घुस गए और गाली गलौज करने लगे। बीच बचाव करने पहुंचे निरंजन प्रियदर्शी पर हमला किया गया, जिससे उनका सिर फट गया। डर के कारण यात्रियों ने कई बार चेन पुलिंग की। इसके चलते ट्रेन करीब एक घंटा सात मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही।
घटना के बाद सहायक सुरक्षा आयुक्त फतुहा पहुंचे और मामले की जांच की। पीड़ित के बयान पर कांड संख्या 05 26 दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के समय कोच में कोई टीटीई या अटेंडेंट मौजूद नहीं था। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार पिता पुत्र को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।