राजधानी के फुलवारीशरीफ स्थित कन्हैया नगर में मंगलवार को एक इंजीनियरिंग छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान धीरज शर्मा (26) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि वह दिल्ली में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। स्थानीय लोगों ने बताया कि धीरज बेहद शांत स्वभाव का था और पढ़ाई में भी काफी होशियार था। होनहार बेटा होने के कारण परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। वह कुछ दिन पहले ही दिल्ली से अपने घर फुलवारीशरीफ आया था।
मां के अस्पताल जाते ही उठाया खौफनाक कदम
स्थानीय लोगों ने बताया कि मंगलवार को धीरज की मां के दांत में तेज दर्द था। उनके इलाज के लिए धीरज के पिता विजय शर्मा और बड़े भाई गोलू शर्मा उन्हें लेकर पटना गए थे। इसी बीच, धीरज की दोनों बहनें भी कोचिंग गई हुई थीं। जब परिवार के सदस्य डॉक्टर के पास से इलाज कराकर घर लौटे, तो धीरज के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाईं लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई।
कमरे के भीतर से कोई हलचल न होने और आवाज देने पर भी जवाब न मिलने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। जब उन्होंने खिड़की से भीतर झाँक कर देखा, तो धीरज का शव पंखे से लटका हुआ था। बदहवास परिजनों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा।
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दरवाजा तोड़कर निकाला गया शव
घटना के संबंध में फुलवारीशरीफ के थानाध्यक्ष गुलाम शाहबाज आलम ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची। अंदर से कमरा बंद था। खिड़की से भीतर झाँक कर देखा, तो धीरज का शव पंखे से लटका हुआ था। तब मज़बूरी में कमरे का ताला तोड़ा गया। फिर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। इसके बाद सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पटना एम्स भेज दिया गया।
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मानसिक तनाव में था छात्र
घटना के कारण के संबंध में फुलवारीशरीफ के थानाध्यक्ष गुलाम शाहबाज आलम ने बताया शुरुआती पूछताछ में परिजनों ने बताया कि धीरज पिछले कुछ दिनों से गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहा था। हालांकि, तनाव की मुख्य वजह क्या थी, इसकी जाँच की जा रही है। धीरज के पिता विजय कुमार शर्मा दैनिक मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं और आर्थिक तंगी के बावजूद बेटे को उच्च शिक्षा दिला रहे थे। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।