वैक्सीन लगवाते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जो लोग बिहार लौटना चाहते हैं वह जल्द से जल्द बिहार आ जाएं। दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बिहार में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इसको लेकर एक-एक चीज पर नजर रखी जा रही है।
अधिक से अधिक कोरोना टेस्ट कराए जा रहे हैं। जितनी अधिक जांच होगी उतने ही कोरोना संक्रमितों की संख्या का पता चल पाएगा। जिन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों का पता चल रहा है उन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना के दूसरे डोज लेने के बाद कहा कि आरटी-पीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाई जा रही है। कोरोना जांच की संख्या राज्य में प्रति दिन एक लाख से अधिक कराई जा रही है, इसे और भी बढ़ाया जाएगा।
बिहार में प्रवासी श्रमिकों को उद्योग लगाने के लिए मिलेगा 10 लाख का लोन
बिहार के श्रम संसाधन मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि कोरोना के समय दूसरे राज्य से बिहार आने वाले मजदूरों के लिए रोजगार की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए उनकी कुशलता को देखते हुए 10 लाख रुपये का लोन उन्हें दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसमें सरकार की ओर से पांच लाख का अनुदान दिया जाएगा, शेष बचे पांच लाख 84 किस्तों में उन्हें वापस करना होगा। ताकि वे सुचारू रूप से अपना रोजगार कर सकें। सरकार ने अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना आरंभ की है। इसके अंतर्गत सरकार द्वारा उद्योग स्थापित करने पर 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया गया है जिससे उन्हें आने में काफी सहूलियत होगी। इसके लिए बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग ने प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम बनाया है। प्रवासी श्रमिक टोल फ्री नंबर नंबर 18003456138 पर फोन करके कंट्रोल रूम से बात कर सकते हैं।