सरकार की गाइडलाइन है कि कोरोना संक्रमित को यात्रा की अनुमति नहीं है। लेकिन कुछ लोगों को या तो पता नहीं होता कि वो संक्रमित है या फिर वे जानते हुए भी यात्रा कर दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं। ऐसा ही एक बिहार के डॉक्टर ने किया उन्होंने संक्रमित होते हुए भी ओडिशा तक की यात्रा कर डाली।
अब पटना से ओडिशा के बीच यात्रा के दौरान संपर्क में आए लोगों को संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। वहीं प्रशासन के लिए संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग करना भी काफी मुश्किल है। वहीं पटना में डॉक्टर के संपर्क में जितने लोग आए हैं उनकी जांच की जा रही है।
कोरोना रिपोर्ट के आने से पहले ही यात्रा पर निकल गए डॉक्टर
राज्य स्वास्थ्य समिति से जुड़े अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था उनकी रिपोर्ट नौ तारीख को आनी थी लेकिन वे आठ को ही निकल गए और जब ओडिशा पहुंच गए तो 9 दिसंबर को पॉजिटिव रिपोर्ट आई। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि डॉक्टर का कहना है कि अगर उनको पॉजिटिव रिपोर्ट की जानकारी होती तो वह पटना नहीं आते।
संकर्क में आए लोगों को खतरा
राज्य स्वास्थ्य समिति के डॉक्टर जब पटना से ओडिशा निकले तो उन्हें पता नहीं था कि वह कोरोना संक्रमित हैं। यात्रा के दौरान कोरोना का संक्रमण का अधिक खतरा रहता है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर कहीं से भी चूक हुई होगी तो संपर्क में आए लोगों को संक्रमण का खतरा होगा। अब वह किस साधन से ओडिशा की यात्रा पूरी किए और कौन-कौन लोग उनके संपर्क में आए यह पता लगाना बड़ी चुनौती है। वहीं ओडिशा प्रशासन को इस मामले में सूचित कर दिया है।