पटना में प्रस्तावित विपक्षी एकता की बैठक में लोकसभा चुनाव में सीटों पर गठबंधन से केवल एक उम्मीदवार उतारने को लेकर होनेवाली चर्चा से कांग्रेस दुविधा में है। भाजपा को हराने के लिए विपक्षी पार्टियां मिलकर उसके सामने अपना एक ही उम्मीदवार उतारने का निर्णय लेने पर विचार कर रही हैं।
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कांग्रेस के लिए यह दुविधा है कि वह वर्तमान में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है और उसके नेता चाहते हैं कि पार्टी अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़े। एक सीट एक उम्मीदवार के फॉर्मूले से उसे कई सीटों पर अपनी दावेदारी से समझौता करना पड़ सकता है।
पार्टी को अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि गठबंधन में अपनी प्रासंगिकता और प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए पार्टी को अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। उनका तर्क है कि एक बड़ी उपस्थिति कांग्रेस को मजबूत सौदेबाजी का अवसर देगी। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन के कुछ नेता भाजपा को हराने के लिए एकता और रणनीतिक निर्णय लेने के महत्व पर बल देते हैं।