पेगासस मामले पर विपक्ष को अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथ मिल गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा, फोन टैपिंग मामले की जांच जरूर होनी चाहिए। साथ ही संसद में इस पर बहस होनी चाहिए। जब इतने दिनों से लोग संसद में मुद्दा उठा रहे हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आए। अगर कोई किसी को भी परेशान करने की कोशिश कर रहा है, तो जांच तो होनी ही चाहिए।
आगे कहा कि इन सब चीजों पर एक-एक कदम देखकर उचित कदम उठाना चाहिए। जो कुछ हो रहा है उसकी पूरी जांच होनी चाहिए कि लोग फोन को सुन रहे हैं। सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह विवाद बना हुआ है। किसके साथ क्या हुआ? किसके बारे में क्या हुआ? यह लोगों को जानकारी होनी चाहिए।
नीतीश कुमार ने इसके साथ ही कहा कि एक बार जातिगत जनगणना भी हो जानी चाहिए। इससे सभी का फायदा है। यह देश के हित में है। इससे परस्पर संबंध बेहतर होंगे। गौरतलब है कि पेगासस मामले पर विपक्ष लगातार सरकार से जांच की मांग कर रहा है। वहीं, बिहार में जातिगत जनगणना की हाल में राजद नेता तेजस्वी ने मांग की थी।
उनका कहना था कि जब जानवरों की गणना हो सकती है तो जातिगत जनगणना क्यों नहीं हो सकती। इसके लिए तेजस्वी ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगने को कहा था। हालांकि नीतीश का कहना है कि वर्ष 1990 से ही वे इसके पक्षधर रहे हैं कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए।