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Bihar : चिराग और मांझी में कौन पड़ा भारी? विधान परिषद की 10वीं सीट किसे; BJP-JDU ने नाम दिए, RLM का पक्का

Fri, 05 Jun 2026 07:19 PM IST
हिमांशु सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : बिहार विधान परिषद् की नौ सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उप चुनाव होना है। इसमें से भाजपा-जदयू ने बराबर चार-चार नाम दे दिए। कुशवाहा की पार्टी का नाम पक्का ही है। लड़ाई चिराग और मांझी में है।
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बिहार में विधान परिषद के उपचुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बिहार विधान परिषद् चुनाव-उप चुनाव के लिए नामांकन के पांच दिन निकल गए। अब शनिवार और सोमवार का दिन बच रहा है। यह देखते हुए शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाईटेड ने चार-चार सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का एलान कर दिया। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी- राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक सीट मिलनी थी और उनके बेटे दीपक प्रकाश प्रत्याशी के रूप में पहले से तय हैं। बच रही एक सीट पर दो केंद्रीय मंत्रियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। केंद्रीय मंत्री और बिहार के भूतपूर्व सीएम जीतन राम मांझी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान इस एक सीट के लिए पहले से जुगत में हैं और अब भी यह उठापटक जारी है। दोनों में से किसी एक की ओर से नाम आएगा, इसके लिए भाजपा से डील फाइनल होने का इंतजार है।
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उपेंद्र कुशवाहा ने पहले से रखी है बुकिंग
भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार विधान परिषद् की एक सीट की बुकिंग पहले से कर रखी है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम के समय ही यह बुकिंग हो गई थी। उनके बेटे दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे, जबकि पत्नी विधायक चुनकर आई थीं। दीपक प्रकाश को मंत्री पद की शपथ दिलाने के बाद छह महीने के अंदर उन्हें विधान परिषद् का सदस्य बनाया जाना था। इस बीच सत्ता परिवर्तन हुआ और एनडीए के अंदर मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा के पास चली गई। इस बार भी दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया तो उनके लिए उस सीट पर उतरना जरूरी था। अब सिर्फ रालोमो को औपचारिक रूप से एक सीट पर नाम का एलान करना है। दीपक प्रकाश ही वह नाम हैं।

मांझी-चिराग में किसका पलड़ा भारी
महागठबंधन के पास की तीन सीटें हैं। इनमें से एक पर उसकी जीत लगभग तय ही है। ऐसे में, एनडीए में उस अनिश्चिचत सीट को छोड़ सभी नाम जारी हो चुका है। अब एक सीट पर लड़ाई की संभावना बनाते हुए मांझी और चिराग में से एक की पार्टी को अपना नाम जारी करना है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उस सीट को लेकर ही संशय था और अब भी है। अब देखना है कि किसका पलड़ा भारी रहता है और उसपर महागठबंधन से रोमांचक मुकाबला होता है या नहीं?
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