राजधानी के दीदारगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत निजामपुर इलाके में बीती रात करीब 22 बीघे के एक विवादित भूखंड की घेराबंदी को लेकर जबरदस्त हिंसक झड़प हो गई। ग्रामीणों और जमीन पर दावा करने वाले पक्ष के बीच हुआ यह विवाद देखते ही देखते रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। उग्र भीड़ ने कार्यस्थल पर जमकर तोड़फोड़ की और वहां खड़ी कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी ग्रामीणों ने चौतरफा पथराव कर दिया, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा है विवाद
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रेलवे लाइन से सटे इस कीमती भूखंड को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह जमीन मूल रूप से मठ की है, जिस पर भू-माफियाओं द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर निर्माण करा रहा पक्ष इस जमीन पर अपना कानूनी मालिकाना हक होने का दावा कर रहा है। इसी तनातनी के बीच बीती रात भारी संख्या में मजदूर और कर्मी जमीन की घेराबंदी करने पहुंचे, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा।
लाठी-डंडों से हमला, हवाई फायरिंग की भी चर्चा
प्रत्यक्षदर्शियों और कामगारों के मुताबिक, सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने वहां मौजूद कर्मचारियों की पिटाई शुरू कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई राउंड हवाई फायरिंग किए जाने की भी चर्चा है। उग्र भीड़ ने परिसर में खड़े वाहनों को निशाना बनाते हुए उनमें आग लगा दी, जिससे कई गाड़ियां धूं-धूं कर जल उठीं। जान बचाने के लिए मजदूर और निजी सुरक्षाकर्मी मौके से भाग खड़े हुए।
ग्रामीणों ने बताया कैसे बिगड़े हालात
मामले को लेकर स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि विवादित जमीन पर रात के अंधेरे में जबरन घेराबंदी का प्रयास किया जा रहा था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और दोनों पक्षों के बीच हिंसक टकराव शुरू हो गया। वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस पर भी हुआ पथराव
घटना की सूचना मिलते ही दीदारगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालात की गंभीरता को देखते हुए नदी थाना पुलिस को भी बैकअप के लिए बुलाया गया। लेकिन जांच के दौरान ही ग्रामीणों ने पुलिस बल को चारों तरफ से घेरकर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पुलिस बल असहज हो गया और स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को अस्थायी रूप से वहां से हटना पड़ा।
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पहले भी हो चुका है खूनी संघर्ष
यह कोई पहला मौका नहीं है, जब इस 22 बीघे के प्लॉट को लेकर हिंसक विवाद हुआ हो। इससे पहले भी दोनों पक्ष कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।