बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बताया कि पुनारख और किउल के बीच तीसरी एवं चौथी रेल लाइन परियोजना को केंद्रीय सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना का कुल निवेश 2,668 करोड़ रुपये है, जिसमें पुनारख–किउल खंड (लगभग 50 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 2,268 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नेशनल मास्टर प्लान के तहत तैयार किया गया प्लान
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत डिजाइन की गई यह परियोजना माल और यात्री ट्रेनों के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर भीड़भाड़ कम करेगी और रेल सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पटना और लखीसराय जिलों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
'बिहार की प्रगति में मील का पत्थर साबित'
डिप्टी सीएम चौधरी ने इस परियोजना को बिहार के लिए ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी, ट्रेनों की समयपालन क्षमता बढ़ेगी तथा व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि निर्धारित समय में परियोजना पूरी होने पर यह बिहार की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी।
बिहार को लगातार नए प्रोजेक्ट दे रही केंद्र सरकार
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बिहार की ओर से हृदयपूर्वक धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि बिहार में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया गया है। वर्तमान में राज्य में 14 वंदे भारत और 21 अमृत भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है, और हाल ही में वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी मंजूरी मिली है।
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मंगलवार को केंद्र सरकार ने कई परियोजनाओं को दी मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कुल 9,072 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन मल्टीट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी। इनमें पुनारख-किउल तीसरी-चौथी लाइन के अलावा गोंडिया-जबलपुर रेल लाइन दोहरीकरण और गम्हरिया-चंदिल तीसरी-चौथी लाइन परियोजनाएं भी शामिल हैं।