मंच पर मौजूद प्रमुख अतिथि
कार्यक्रम में मंच पर कई प्रमुख अतिथि मौजूद रहे, जिनमें-स्वागत भाषण में कही गई बात
स्वागत भाषण में बंदना प्रेयषी, सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सही निगरानी और जमीन पर अच्छे क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है।महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर जोर
अश्वमेध देवी, सभापति, महिला एवं बाल विकास समिति, बिहार विधान सभा ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल नीति बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी उनकी अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह परिचर्चा कार्यक्रम योजनाओं की समझ और प्रभाव को और मजबूत करेगा। मुख्य संबोधन में मदन सहनी ने कहा कि बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण को विकास की मुख्यधारा में रखकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति की हर महिला तक पहुंचे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है।समन्वय से होगा बेहतर क्रियान्वयन
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि विधायिका और कार्यपालिका के बीच बेहतर तालमेल से ही योजनाओं का सही क्रियान्वयन संभव है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण समग्र विकास की नींव है।धन्यवाद ज्ञापन और तकनीकी सत्र
कार्यक्रम के अंत में ख्याति सिंह, प्रभारी सचिव, बिहार विधान सभा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। तकनीकी सत्र में समाज कल्याण विभाग, बिहार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस सत्र में—परिचर्चा के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन महिला सदस्यों के साथ परिचर्चा और विचार-विमर्श के बाद हुआ। इस दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सामूहिक रूप से प्रतिबद्धता जताई गई।