बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। छह सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज बिहार में भारी बारिश के साथ आंधी-वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी बिहार के कई जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। मौसम विभाग ने आज सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा को ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्र में रखा गया है। इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा चलने की आशंका है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, लखीसराय, बेगूसराय, गोपालगंज, पूर्णिया, कटिहार, जमुई और बांका में यलो अलर्ट दिखाया गया है। इन इलाकों में भी मौसम बिगड़ने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
पटना समेत दक्षिण बिहार में राहत
मौसम विभाग ने पटना, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, नवादा, नालंदा, अरवल, जहानाबाद और शेखपुरा समेत दक्षिण-पश्चिमी बिहार के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। यानी इन क्षेत्रों के लिए इस पूर्वानुमान में कोई विशेष चेतावनी नहीं दिखाई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में छह और सात सितंबर को बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। वहीं आठ से दस सितंबर के दौरान भी कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। बिहार में छह से आठ सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान भी जताया गया है।
बाढ़ के बीच बारिश ने बढ़ाई चिंता
बिहार में पहले से ही गंगा, गंडक, पुनपुन, कोसी समेत कई नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में उत्तर-पूर्वी और उत्तर बिहार के जिलों में होने वाली बारिश से निचले इलाकों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वहीं 18 जिलों में बाढ़ का पानी फैलने से 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। दियारा इलाकों से बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा, गंडक, पुनपुन, दरधा, कोसी समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि से निचले इलाकों में पानी फैल गया है। कई जगह सड़कें और गांव जलमग्न हो गए हैं।
बिहार में बाढ़ का कहर: पटना समेत कई जिलों के निचले इलाके में फैला पानी, 6.65 लाख लोग प्रभावित; जानिए हाल
कहां पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही?
बिहार में गंगा का जलस्तर कई इलाकों में चिंता बढ़ा रहा है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बक्सर में गंगा 10 सेंटीमीटर, पटना के दीघा घाट पर 64 सेंटीमीटर और गांधी घाट पर 1.96 मीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गांधी घाट पर जलस्तर 50.58 मीटर दर्ज हुआ। हाथीदह में भी नदी खतरे के निशान से 1.73 मीटर ऊपर है। बक्सर में पानी 60.42 मीटर दर्ज हुआ, हालांकि यहां जलस्तर घटने का ट्रेंड है। भागलपुर में भी गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। सुल्तानगंज में जलस्तर 36.50 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर है। भागलपुर गेज पर पानी 34.32 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 64 सेंटीमीटर अधिक है और यहां जलस्तर बढ़ रहा है। कहलगांव में गंगा 32.49 मीटर पर है, जो खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर है।