बिहार में वोटर लिस्ट के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक बवाल मचा हुआ है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि "हम (महागठबंधन के सभी दल) चुनाव बहिष्कार पर विचार कर सकते हैं। हमारे पास यह विकल्प है।" तेजस्वी यादव के इस बयान से बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इसे एक बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा, “तेजस्वी यादव ने चुनाव बहिष्कार की बात कही है, लेकिन यह नहीं बताया कि किस चुनाव की बात कर रहे हैं। शायद उन्हें यह आभास हो गया है कि राजद और महागठबंधन को पूरी तरह से हार का सामना करना पड़ेगा, या फिर वे केवल राजनीतिक बयानबाज़ी कर रहे हैं।”
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रूडी ने आगे कहा, “तेजस्वी एक गंभीर नेता हैं, और अगर वह ऐसा कह रहे हैं तो इसका मतलब है कि उन्हें अपनी हार दिखाई दे रही है।” तेजस्वी यादव के इस बयान पर अब तक महागठबंधन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष बिहार में बेरोज़गारी, जातीय जनगणना, और राज्य के साथ कथित भेदभाव जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है।