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देख लो सरकार: पटना में जर्जर भवन और जलजमाव के बीच चल रही है पढ़ाई, हादसे का इंतजार कर रहा शिक्षा विभाग?

Wed, 30 Jul 2025 05:22 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar: स्कूल की छत और दीवारों की हालत इतनी खराब है कि कभी भी गिर सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर भवन की छत गिरी, तो एक बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि घटना होने पर 100 से 200 बच्चों की जान को खतरा हो सकता है।
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स्कूल की हालत जर्जर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना से महज 20 किलोमीटर दूर मनेर प्रखंड के शेरपुर पूर्वी पंचायत स्थित राजकीय मध्य विद्यालय शेरपुर (रामपुर-31) की स्थिति इतनी जर्जर है कि किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूल की छत और दीवारें बेहद खस्ताहाल हैं, बारिश में जलजमाव आम बात हो गई है और पढ़ाई किसी तरह जारी है।

विद्यालय भवन की हालत देखकर किसी की भी रूह कांप सकती है। महज तीन कमरों वाले इस विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है, जबकि छात्र संख्या 650 के करीब है। 12 शिक्षकों के भरोसे यह विद्यालय जैसे-तैसे चल रहा है, लेकिन साइंस के शिक्षक की अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

बारिश में चारों ओर पानी, बैठने को जगह नहीं

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बरसात के दिनों में स्कूल भवन के चारों ओर और यहां तक कि कमरों में भी पानी भर जाता है। बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल आना पड़ता है और जलजमाव के बीच बैठकर पढ़ना पड़ता है। कमरों की संख्या कम होने के कारण न तो बच्चे सही ढंग से बैठ पाते हैं और न ही पढ़ाई की व्यवस्था ठीक से हो पाती है।

खतरे के साये में शिक्षा
स्कूल की छत और दीवारों की हालत इतनी खराब है कि कभी भी गिर सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर भवन की छत गिरी, तो एक बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि घटना होने पर 100 से 200 बच्चों की जान को खतरा हो सकता है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग अब तक आंखें मूंदे हुए है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्ण गोपाल गुप्ता ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति, जलजमाव और अन्य समस्याओं को लेकर विभाग को कई बार पत्र भेजा गया है।

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यहां तक कि स्कूल को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का अनुरोध भी किया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण विद्यालय आज भी खतरे के बीच चल रहा है। न तो मरम्मत के लिए कोई बजट आया है और न ही नया भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

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